BCCI के उस नियम को चुनौती दी गई है जिसमें केवल भारतीय पासपोर्ट धारकों को ही टूर्नामेंट खेलने की अनुमति है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इस मामले में केंद्र सरकार का रुख जानने के लिए नोटिस जारी किया है।

  • BCCI ने नियम बनाया है कि टूर्नामेंट खेलने के लिए भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य है।
  • OCI कार्ड धारकों ने इस नियम को अदालत में चुनौती दी है।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है।
  • अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान 12 OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड धारकों द्वारा दायर याचिकाओं पर ध्यान केंद्रित किया। ये याचिकाएं BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के उस नियम के खिलाफ हैं, जिसमें कहा गया है कि उसके तहत आयोजित होने वाले किसी भी टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए खिलाड़ी के पास भारतीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है।

न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार को इस मामले में एक प्रतिवादी (Respondent) के रूप में शामिल करें। अदालत का मानना है कि इस मामले में सरकार का रुख जानना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अदालत का कोई भी निर्णय भविष्य में व्यापक कानूनी और राष्ट्रीय परिणाम ला सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकता, अधिकारों और खेल के समावेशी विकास के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। यदि अदालत OCI धारकों के पक्ष में निर्णय लेती है, तो यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल सकता है।

यह मामला खेल के अधिकार और राष्ट्रीय पहचान के बीच की एक जटिल कानूनी बहस को जन्म देता है।

याचिकाओं में कविन कार्तिक और 11 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। ये बच्चे जन्म से विदेशी नागरिक हैं, लेकिन उनके माता-पिता भारतीय हैं। ये बच्चे भारत में ही रहते हैं और क्रिकेट खेलते हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि BCCI एक स्वतंत्र निकाय है, लेकिन उसके निर्णय से बच्चों के विकास के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

दूसरी ओर, अदालत ने याचिकाकर्ताओं के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें IPL का उदाहरण दिया गया था। पीठ ने स्पष्ट किया कि IPL एक व्यावसायिक उद्यम है, जबकि BCCI के टूर्नामेंट राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व से जुड़े होते हैं। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अफगानिस्तान के खिलाड़ियों का उदाहरण भी महत्वपूर्ण है जो भारत में बस गए हैं और नागरिकता की तलाश में हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

BCCI ने अप्रैल 2024 में यह निर्णय लिया था कि केवल भारतीय नागरिक ही घरेलू और अन्य संगठित टूर्नामेंटों में खेल सकेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भारतीय नागरिकों को देश के भीतर और बाहर चयन के पर्याप्त अवसर मिलें और विदेशी नागरिकता वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता न मिले।

Did You Know?: OCI कार्ड धारकों को भारत में रहने और काम करने की अनुमति होती है, लेकिन वे भारत में मतदान नहीं कर सकते और न ही सरकारी पदों पर आसीन हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions

1. BCCI का नया नियम क्या है?
BCCI के अनुसार, उसके द्वारा आयोजित किसी भी टूर्नामेंट में खेलने के लिए खिलाड़ी के पास भारतीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है।

2. कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्यों बुलाया है?
कोर्ट यह समझना चाहता है कि OCI कार्ड धारकों की स्थिति और नागरिकता संबंधी नियमों पर केंद्र सरकार का आधिकारिक रुख क्या है।