पुणे में 31वीं बार S.A. पूनवाला मिलियन दौड़ 13 सितंबर को आयोजित होगी। इस मेगा इवेंट में ₹1.5 मिलियन का इनाम और सात प्रमुख दावेदार भाग लेंगे।

  • 31वीं बार S.A. पूनवाला मिलियन का आयोजन
  • इनाम राशि: कुल ₹1.5 मिलियन
  • सात दावेदार, प्रमुख रूप से पेसि श्रॉफ का जाँदार

पुणे के घुड़दौड़ कैलेंडर में 13 सितंबर को S.A. पूनवाला मिलियन का 31वाँ संस्करण निर्धारित है। यह दौड़ भारत के सबसे प्रतिष्ठित थॉरूब्रेड ब्रीडिंग पायनियर, दिवंगत सॉइल ए. पूनवाला के नाम पर रखी गई है, जिन्होंने 1946 में इस उद्योग की नींव रखी थी।

एक मील की दूरी पर आयोजित यह दौड़ तीन प्रमुख क्लासिक संकेतकों में से एक मानी जाती है, साथ ही इस आयु वर्ग की सबसे धनराशि‑समृद्ध दौड़ भी है। कुल इनाम राशि ₹1.5 मिलियन है, जिससे यह भारतीय घुड़दौड़ प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन जाता है।

सात प्रमुख दावेदारों में पेसि श्रॉफ के शीर्ष‑वजन वाले क़ौड़ जाँदार का नाम प्रमुख है, जिसने अब तक तीन जीत हासिल की है, जिसमें हाल ही में एफ.डी. वडिया ट्रॉफी भी शामिल है।

अधिराजसिंह जोधा के यार्ड से एवेनर, दो जीत का धनी, भी अच्छी स्थिति में है और फिनिश में दावेदारी कर सकता है। इंविंसिबल फोर्स, जिसे मालेश नार्रेडु ने प्रशिक्षित किया है, दो प्रभावशाली जीत के साथ आशाजनक दिख रहा है।

इम्तियाज़ सैत की फ़िल्ली मिनारी, जिसने छह शुरूआती दौड़ में दो जीत हासिल की है, भी संभावित उथल‑पुथल कर सकती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the S.A. Poonawalla Million not only boosts regional tourism but also sets the benchmark for breeding standards across India, influencing future investment in thoroughbred programs.

"यह दौड़ भारतीय घुड़दौड़ की प्रगति का एक प्रमुख संकेतक है," कहते हैं घुड़दौड़ विश्लेषक राजेश सिंह।
Did You Know?: सॉइल ए. पूनवाला ने 1946 में भारत में पहला व्यवस्थित थॉरूब्रेड ब्रीडिंग फार्म स्थापित किया था।

Frequently Asked Questions

Q1: इस दौड़ में कौन‑सी उम्र के घोड़े भाग ले सकते हैं?
A: यह दौड़ विशेष रूप से 3‑से‑4 साल के थॉरूब्रेड घोड़ों के लिए है।

Q2: दर्शकों के लिए टिकट कैसे बुक करें?
A: टिकट पुणे रेसिंग क्लब की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।