US ओपन 2026 में देर रात तक चलने वाले मैचों ने एथलीटों के स्वास्थ्य और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेन शेल्टन और अलेक्जेंडर ज्वेरेव जैसे बड़े खिलाड़ियों को सुबह होने तक मैदान पर रहना पड़ा है।
- US ओपन में मैच सुबह 3:34 बजे तक चल रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों की रिकवरी प्रभावित हो रही है।
- बेन शेल्टन और अलेक्जेंडर ज्वेरेव जैसे शीर्ष खिलाड़ियों को अत्यधिक थकान और जेट लैग का सामना करना पड़ रहा है।
- देर रात के मैचों के कारण खेल की निष्पक्षता और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर वैश्विक बहस छिड़ गई है।
न्यूयॉर्क शहर, जिसे 'कभी न सोने वाला शहर' कहा जाता है, इस साल के US ओपन में अपनी इस पहचान को एक नई और चुनौतीपूर्ण ऊंचाई पर ले गया है। टेनिस के मैदान पर रोमांच तो चरम पर है, लेकिन इस रोमांच की कीमत खिलाड़ियों को अपनी नींद और शारीरिक स्वास्थ्य से चुकानी पड़ रही है। इस साल के टूर्नामेंट में कई मैच देर रात शुरू हुए और सुबह तड़के खत्म हुए, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
विशेष रूप से, अमेरिकी खिलाड़ी बेन शेल्टन और जर्मन स्टार अलेक्जेंडर ज्वेरेव जैसे सेमीफाइनल खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति काफी कठिन रही है। ज्वेरेव ने खुलासा किया कि पिछले एक सप्ताह में वे सुबह 6:45 बजे तक सो नहीं पाए हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, "मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं न्यूयॉर्क में ऑस्ट्रेलियन ओपन खेल रहा हूं।" ज्वेरेव के पिछले पांच में से तीन मैच रात 1 बजे के बाद समाप्त हुए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खेल में 'रिकवरी टाइम' उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि मैदान पर कौशल। जब एक खिलाड़ी रात के 3 बजे मैच खत्म करता है और दूसरा खिलाड़ी दिन के समय खेलता है, तो यह प्रतिस्पर्धा की समानता (competitive fairness) को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
देर रात के मैचों के कारण होने वाली नींद की कमी आने वाले दिनों में खिलाड़ी के प्रदर्शन पर 'डोमिनो इफेक्ट' डालती है।
बेन शेल्टन की स्थिति और भी गंभीर रही, जब कार्लोस अल्काराज़ के खिलाफ उनका रोमांचक मुकाबला बुधवार को सुबह 3:34 बजे समाप्त हुआ। शेल्टन का मुकाबला अब फ्रांसिस टियाफो से होगा, जिन्होंने अपना मैच काफी पहले समाप्त कर लिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि टियाफो को नींद और आराम का बड़ा लाभ मिलेगा।
इस मुद्दे ने खेल जगत में एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक, मार्टिना नवरातिलोवा ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "यह ठीक नहीं है और यह सामान्य भी नहीं है। कुछ तो बदलना ही होगा।" हालांकि, कुछ लोग इसे US ओपन की जीवंतता और न्यूयॉर्क की संस्कृति का हिस्सा मानते हैं।
ऐतिहासिक रूप से, इस तरह की समस्याओं को सुलझाने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलियन ओपन ने डे-सेशन मैचों की संख्या कम कर दी है। वहीं, ATP और WTA ने भी रात 11 बजे के बाद मैच शुरू होने पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन ग्रैंड स्लैम (Majors) में ये नियम लागू नहीं होते, जिससे समस्या बनी हुई है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या देर रात के मैचों के लिए कोई नियम हैं?
उत्तर: ATP और WTA के कुछ नियम हैं, लेकिन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में मैच के समय पर कोई सख्त सीमा नहीं है।
प्रश्न 2: क्या पांच सेट के प्रारूप को बदला जा सकता है?
उत्तर: यह एक विवादास्पद सुझाव है, लेकिन कुछ अधिकारी इसे भविष्य में कम करने पर विचार कर रहे हैं।