वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने एशियाई खेलों के स्क्वाड से अंतिम समय में बाहर किए जाने पर एसोसिएशन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। जहाँ खिलाड़ी का दावा है कि वह फिट है, वहीं स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के डॉक्टरों ने उसे चोट के कारण खेलने से मना किया है।
- वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को एशियाई खेलों की टीम से अंतिम समय में हटा दिया गया।
- खिलाड़ी ने पक्षपात और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया।
- SAI डॉक्टरों ने ACL इंजरी के कारण खिलाड़ी को खेलने से मना किया है, जबकि परिवार का दावा अलग है।
भारतीय वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने एशियाई खेलों के लिए चुनी गई टीम से अंतिम क्षणों में बाहर किए जाने के बाद खेल जगत में हलचल मचा दी है। दिव्यांशी ने एक भावुक इंस्टाग्राम वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी उचित सुनवाई के टीम से हटा दिया गया और उनके स्थान पर रोशिबीना देवी नाओरेम को शामिल किया गया, जो ट्रायल में दिव्यांशी से पीछे थीं।
दिव्यांशी का दावा है कि उन्हें जून से सितंबर तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने वीडियो में कहा, "मैंने ट्रायल में उन्हें हराया था, फिर समस्या क्या है? मुझे अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया। डॉक्टर मुझे खेलने के लिए फिट बता रहे हैं, फिर भी एसोसिएशन ने मुझे बिना बताए बाहर कर दिया।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खेल प्रशासन और एथलीटों के बीच चिकित्सा रिपोर्टों की व्याख्या को लेकर गहरा मतभेद उभर रहा है। यह मामला न केवल एक खिलाड़ी के करियर को प्रभावित करता है, बल्कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
एथलीटों की फिटनेस और चयन प्रक्रिया के बीच का यह टकराव खेल प्रशासन की विश्वसनीयता को चुनौती दे रहा है।
मामले की गहराई में जाने पर, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के डॉक्टरों की रिपोर्ट और निजी अस्पताल की रिपोर्ट में विरोधाभास देखने को मिलता है। SAI की डॉक्टर डॉ. जहानवी डांडे की रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यांशी के घुटने में ACL टियर (ACL tear) है और उन्हें पूर्ण रिकवरी तक प्रतिस्पर्धा से दूर रहने की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, दिव्यांशी के पिता सुनील कुमार सुंडा, जो भारतीय सेना के सेवानिवृत्त नायक हैं, का कहना है कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा था कि 'टेपिंग' (taping) के साथ खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा कर सकती है।
विवाद का मुख्य कारण: चिकित्सा रिपोर्ट बनाम खिलाड़ी का दावा
| पक्ष | चिकित्सा निष्कर्ष / दावा |
|---|---|
| SAI डॉक्टर (डॉ. जहानवी डांडे) | पार्शियल टू हाई-ग्रेड ACL टियर; प्रतिस्पर्धा से परहेज की सलाह। |
| निजी अस्पताल (परिवार का दावा) | ACL टियर है, लेकिन टेपिंग के साथ खेलने में सक्षम। |
| Wushu Association of India | खिलाड़ी चोट के कारण 15 दिनों से कैंप से बाहर थी। |
वुशू एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बाजवा ने दिव्यांशी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और खिलाड़ी की चोट के कारण ही उन्हें बाहर रखा गया है।
Frequently Asked Questions
1. दिव्यांशी चौधरी को टीम से क्यों निकाला गया?
एसोसिएशन का कहना है कि वह चोट के कारण फिट नहीं थीं, जबकि खिलाड़ी का आरोप है कि यह पक्षपात है।
2. दिव्यांशी का स्थान किसने लिया?
उन्हें दो बार की एशियाई खेलों की पदक विजेता रोशिबीना देवी नाओरेम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।