श्रीलंकाई भाला फेंक दिग्गज रुमेश पाथिरागे ने बुडापेस्ट में विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में 91.09 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और जर्मनी के जूलियन वेबर को पछाड़कर इतिहास रच दिया।
- रुमेश पाथिरागे ने 91.09 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।
- ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स दूसरे और जर्मनी के जूलियन वेबर तीसरे स्थान पर रहे।
- पाथिरागे इस सीजन के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी हैं, जिसने 12 में से 11 प्रतियोगिताएं जीती हैं।
बुडापेस्ट, हंगरी में आयोजित विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में श्रीलंकाई एथलीट रुमेश थारंगा पाथिरागे ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। रविवार को आयोजित पुरुषों के जेवलिन थ्रो फाइनल में, पाथिरागे ने अपने अंतिम प्रयास में 91.09 मीटर की दूरी तय कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत न केवल उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि श्रीलंकाई खेल इतिहास में भी एक मील का पत्थर है।
प्रतियोगिता की शुरुआत पाथिरागे के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही। उनके पहले प्रयास में केवल 75.89 मीटर की दूरी दर्ज की गई, जिससे जर्मनी के यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर ने शुरुआती बढ़त बना ली। वेबर का पहला थ्रो 84.09 मीटर रहा। हालांकि, पाथिरागे ने हार नहीं मानी और अपने अगले प्रयासों में सुधार करते हुए धीरे-धीरे बढ़त हासिल की। तीसरे प्रयास में उन्होंने 87.11 मीटर का थ्रो किया, जिससे उन्होंने फाइनल राउंड के लिए अपनी जगह पक्की कर ली।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि पाथिरागे का यह प्रदर्शन केवल एक जीत नहीं है, बल्कि वैश्विक जेवलिन रैंकिंग में उनके वर्चस्व का प्रमाण है। इस सीजन में उन्होंने 12 में से 11 प्रतियोगिताएं जीती हैं, जो एथलेटिक्स के इतिहास में दुर्लभ है। उनकी निरंतरता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनाती है।
पाथिरागे का 90 मीटर से ऊपर का थ्रो यह दर्शाता है कि वे अब केवल एक प्रतियोगी नहीं, बल्कि जेवलिन थ्रो के नए युग के सम्राट हैं।
फाइनल राउंड में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। नए प्रारूप के तहत, शीर्ष चार एथलीटों को अंतिम तीन प्रयासों के लिए चुना गया। पाथिरागे ने अपने अंतिम प्रयास में वह चमत्कार कर दिखाया जिसकी उम्मीद पूरी दुनिया को थी। उन्होंने 91.09 मीटर का थ्रो किया, जो इस सीजन का उनका तीसरा 90+ मीटर थ्रो था। ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 86.18 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जर्मनी के वेबर 85.89 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
रुमेश पाथिरागे का सफर प्रेरणादायक है। एक तेज गेंदबाज (pacer) से भाला फेंकने वाले दिग्गज बनने तक का उनका सफर असाधारण रहा है। उन्होंने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का खिताब भी जीता है। उनकी इस सफलता ने दक्षिण एशियाई देशों में एथलेटिक्स के प्रति एक नई लहर पैदा कर दी है।
| एथलीट | देश | थ्रो दूरी (मीटर) |
|---|---|---|
| रुमेश पाथिरागे | श्रीलंका | 91.09m |
| एंडरसन पीटर्स | ग्रेनाडा | 86.18m |
| जूलियन वेबर | जर्मनी | 85.89m |
| अरशद नदीम | पाकिस्तान | 81.49m |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: रुमेश पाथिरागे ने कितने मीटर का थ्रो किया?
उत्तर: उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 91.09 मीटर का थ्रो किया।
प्रश्न 2: अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
उत्तर: पाथिरागे अब 19 सितंबर से जापान में शुरू होने वाले एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।