भारत की महिला टीम की तेज़ गेंदबाजी खिलाड़ी कृष्ण गाउड पर, एशिया कप फाइनल में अनुचित भाषा और इशारों के कारण, ICC द्वारा 10% मैच फ़ी का जुर्माना और एक डेमेरिट पॉइंट लगाया गया। यह उनके 24 महीनों में पहला उल्लंघन है।
- कृष्ण गाउड को एशिया कप फाइनल में 10% मैच फ़ी का जुर्माना और एक डेमेरिट पॉइंट मिला।
- उल्लंघन का कारण था, बल्लेबाज़ को फील्ड पर डismissal के बाद अपमानजनक इशारा।
- पाकिस्तान टीम को भी ओवररेटिंग के कारण 5% जुर्माना मिला।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को भारत की महिला टीम की तेज़ गेंदबाजी खिलाड़ी कृष्ण गाउड पर 10% मैच फ़ी का जुर्माना और एक डेमेरिट पॉइंट लगाया। यह दंड, एशिया कप T20 फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 13 सितंबर को दुबई में खेले गए मैच के दौरान गाउड के द्वारा डismissal के बाद एक अपमानजनक इशारे के कारण हुआ।
गाउड ने श्रीलंका के ओपनर इमेशा डुलानी को दूसरे आधे में आउट करते समय पविलियन की ओर इशारा किया। ICC की वेबसाइट पर प्रकाशित बयान के अनुसार, यह व्यवहार आर्टिकल 2.5 के अंतर्गत आता है, जो “भाषा, कार्य या इशारों के उपयोग को निषिद्ध करता है जो बल्लेबाज़ को अपमानित या आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के अनुशासनात्मक कदम से न केवल खिलाड़ियों के पेशेवर व्यवहार को सुदृढ़ किया जाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल की प्रतिष्ठा को भी बनाए रखने में मदद मिलती है। 24 महीनों में पहला उल्लंघन होने के बावजूद, यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि ICC किसी भी स्तर पर अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
“कृष्ण गाउड का इशारा, हालांकि मामूली दिखता है, फिर भी खेल के शिष्टाचार को कमजोर करता है और टीम के एकजुटता पर असर डालता है।”
उसी दिन, पाकिस्तान की महिला टीम को भी ओवररेटिंग के कारण 5% मैच फ़ी का जुर्माना लगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ICC सभी टीमों को समान मानकों पर रखता है।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या गाउड को भविष्य में और भी दंड का सामना करना पड़ेगा?
A1: यदि वह इसी तरह के उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें अधिक कठोर दंड, जैसे कि मैच से निलंबन या 50% मैच फ़ी तक का जुर्माना, मिल सकता है।
Q2: क्या यह घटना भारत की टीम के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है?
A2: जबकि व्यक्तिगत दंड टीम के समग्र प्रदर्शन को सीधे प्रभावित नहीं करते, यह खिलाड़ियों में अनुशासन और टीम के भीतर शिष्टाचार के महत्व को बढ़ा सकता है।