खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हॉकी इंडिया और फ्रैंचाइजी मालिकों को हॉकी इंडिया लीग (HIL) की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक योजना बनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
- खेल मंत्री ने HIL की वित्तीय स्थिरता और शासन मॉडल पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है।
- एक पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है जिसमें हॉकी इंडिया, फ्रैंचाइजी और खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- HIL को पिछले साल सात साल के अंतराल के बाद पुनर्जीवित किया गया था, लेकिन वित्तीय चुनौतियां बनी हुई हैं।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में हॉकी इंडिया और हॉकी इंडिया लीग (HIL) की फ्रैंचाइजी के मालिकों को लीग के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लीग की वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना था, क्योंकि लीग वर्तमान में वित्तीय संकट का सामना कर रही है।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मंत्री मांडविया ने हॉकी इंडिया के अधिकारियों और विभिन्न फ्रैंचाइजी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जहां उन्हें लीग के संचालन में आ रही बाधाओं और चिंताओं से अवगत कराया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि लीग को केवल चलाने के लिए नहीं, बल्कि एक मजबूत आर्थिक आधार पर खड़ा करने के लिए काम करना होगा।
पुनरुद्धार के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन
लीग के कायाकल्प के लिए एक विशेष पांच सदस्यीय पैनल बनाने का निर्णय लिया गया है। इस समिति में हॉकी इंडिया से दो प्रतिनिधि, फ्रैंचाइजी मालिकों से दो प्रतिनिधि और खेल मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल होगा। इस समिति को शासन मॉडल (Governance Model), वित्तीय मॉडल (Financial Model) और लीग की संरचना पर प्राथमिकता के आधार पर काम करने और समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में हैदराबाद तूफन, वेदांत कलिंगा लांसर्स, जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब, शाची बंगाल टाइगर्स, एएलपी पाइपर्स, जेके सीमेंट और नई बेंगलुरु फ्रैंचाइजी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। खेल सचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के महानिदेशक हरि रंजन राव ने भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लिया।
HIL का भविष्य पूरी तरह से इसके नए वित्तीय मॉडल और शासन संरचना पर निर्भर करेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, हॉकी इंडिया लीग का सफल होना भारतीय हॉकी के व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि HIL वित्तीय रूप से सक्षम नहीं होती है, तो इससे देश में हॉकी के प्रति प्रायोजन (sponsorship) और खिलाड़ियों के विकास के अवसर कम हो सकते हैं।
ऐतिहासिक रूप से, HIL को भारतीय हॉकी में व्यावसायिकता लाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन सात साल के लंबे अंतराल के बाद जब इसे पिछले साल फिर से शुरू किया गया, तो वित्तीय स्थिरता सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: HIL पुनरुद्धार समिति का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: समिति का कार्य लीग के लिए एक मजबूत वित्तीय और शासन मॉडल तैयार करना है ताकि यह लंबे समय तक टिकी रहे।
प्रश्न 2: बैठक में कौन सी प्रमुख फ्रैंचाइजी शामिल थीं?
उत्तर: हैदराबाद तूफन, जेएसडब्ल्यू सूरमा और वेदांत कलिंगा लांसर्स जैसी प्रमुख टीमें बैठक में मौजूद थीं।