आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने विशाखापत्तनम में ई-बस डिपो के लिए अत्याधुनिक पावर रूम का उद्घाटन किया। यह कदम राज्य में हरित सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक मील का पत्थर है।

मुख्य बातें

  • परिवहन मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने विशाखापत्तनम के सिंहपुरी ई-बस डिपो का उद्घाटन किया।
  • राज्य को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 750 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी।
  • विशाखापत्तनम को विशेष रूप से 100 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है।
  • सरकार ने APSRTC के निजीकरण की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

आंध्र प्रदेश के परिवहन और युवा सेवा मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने शनिवार को विशाखापत्तनम के सिंहपुरी ई-बस डिपो में एक अत्याधुनिक पावर रूम का उद्घाटन किया। 'थोली एकादशी' के शुभ अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने नए स्थापित सबस्टेशन, चार्जिंग स्टेशन और संबंधित बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया।

मंत्री रेड्डी ने इस पहल को राज्य के परिवहन क्षेत्र में एक 'नए युग का उदय' बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए (NDA) सरकार आंध्र प्रदेश में एक आधुनिक और हरित सार्वजनिक पारगमन नेटवर्क विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह विकास मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के तहत तेजी से लागू किया जा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम न केवल शहरी प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार भी करेगा। इलेक्ट्रिक बसों का आगमन राज्य के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

"यह पहल आंध्र प्रदेश को हरित शहरी गतिशीलता के मामले में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेगी।"

पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत, राज्य को कुल 750 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा मिलने वाला है। इसमें से 100 बसें केवल विशाखापत्तनम के लिए निर्धारित हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध तरीके से पांच प्रमुख शहरी केंद्रों: विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, राजमहेंद्रवरम और गुंटूर में पेश किया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) दशकों से राज्य की जीवन रेखा रहा है। हाल के वर्षों में, बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए, सरकार ने पारंपरिक डीजल बसों से हटकर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर बढ़ने का निर्णय लिया है ताकि परिचालन लागत और उत्सर्जन दोनों को कम किया जा सके।

क्या आप जानते हैं?: इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में परिचालन लागत में लगभग 40-50% की बचत कर सकती हैं।

Frequently Asked Questions

1. विशाखापत्तनम को कितनी इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी?
विशाखापत्तनम को विशेष रूप से 100 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है।

2. क्या APSRTC का निजीकरण किया जा रहा है?
नहीं, मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि APSRTC के निजीकरण की कोई योजना नहीं है।