सातलुज फिल्म की IMDb रेटिंग 9.5 अचानक गायब हो गई, जिस पर संजय गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी और प्लेटफ़ॉर्म को 'बोगस' कहा। फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

सातलुज फिल्म की IMDb रेटिंग 9.5 अचानक गायब हो गई, जिस पर संजय गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी और प्लेटफ़ॉर्म को 'बोगस' कहा। फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह रेटिंग क्यों हटाई गई।

पृष्ठभूमि

सातलुज फिल्म को पहले पंजाब 95 के नाम से जाना जाता था और यह फिल्म जसवंत सिंह खालरा की जीवनी पर आधारित है, जो एक बैंकर थे जिन्होंने पंजाब में मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में काम किया। फिल्म को लेकर कई विवाद हुए और यह फिल्म कई सालों तक रिलीज़ नहीं हो पाई।

विवाद

सातलुज फिल्म को लेकर सबसे बड़ा विवाद यह था कि इस फिल्म में पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, जिन्हें बाद में जसवंत सिंह खालरा के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस फिल्म को लेकर कई लोगों ने विरोध किया और कहा कि यह फिल्म पंजाब पुलिस की छवि को खराब करेगी।

निर्माताओं की प्रतिक्रिया

सातलुज फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि वे इस फिल्म को लेकर कोर्ट में जाएंगे और इस फिल्म को रिलीज़ करने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।