भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे आज घोषित होने वाले हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट पर निर्णय लेंगे, जिसका सीधा असर आपके होम और ऑटो लोन की EMI पर पड़ेगा।

मुख्य बातें

  • RBI गवर्नर आज सुबह 10 बजे रेपो रेट पर फैसले की घोषणा करेंगे।
  • रेपो रेट में बदलाव से होम लोन और ऑटो लोन की EMI प्रभावित होगी।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दर 2-6% के दायरे में होने के कारण दरें स्थिर रह सकती हैं।
  • वर्तमान रेपो रेट 5.25% पर बरकरार है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे आज आने वाले हैं। 3 अगस्त से शुरू हुई इस बैठक के बाद, गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे रेपो रेट को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। यह फैसला करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध उनके मासिक बजट और लोन की किस्तों (EMI) से है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है। यदि आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंकों के लिए फंड सस्ता हो जाता है, जिससे वे ग्राहकों के लिए होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें कम कर सकते हैं। इसके विपरीत, दरें बढ़ने से आपकी EMI का बोझ बढ़ सकता है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान आर्थिक स्थिति और मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों को देखते हुए बाजार में दो तरह की संभावनाएं बनी हुई हैं। एक तरफ कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये को मजबूती देने के लिए दरों में वृद्धि की जा सकती है, वहीं दूसरी ओर अधिकांश विशेषज्ञों का अनुमान है कि रेपो रेट को यथावत (unchanged) रखा जा सकता है।

रेपो रेट में स्थिरता महंगाई को नियंत्रित करने और विकास को गति देने के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास हो सकती है।

जून महीने में खुदरा महंगाई दर 4.38% दर्ज की गई थी, जो आरबीआई के 2-6% के लक्ष्य दायरे के भीतर है। इसी कारण SBI रिसर्च जैसी संस्थाओं ने भी रेपो रेट को स्थिर रखने की संभावना जताई है।

ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि वर्ष 2025 के दौरान आरबीआई ने ऋण लेने वालों को बड़ी राहत दी थी, जब रेपो रेट में कुल मिलाकर 125 आधार अंकों (bps) की कटौती की गई थी। वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर स्थिर है।

क्या आप जानते हैं?: रेपो रेट में 0.25% की कमी भी लाखों लोगों की मासिक EMI में सैकड़ों रुपयों की बचत कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. रेपो रेट बढ़ने से क्या होता है?
रेपो रेट बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे ग्राहकों की लोन EMI बढ़ जाती है।

2. क्या आज EMI कम होने की संभावना है?
विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग रेपो रेट को स्थिर रखने की उम्मीद कर रहा है, लेकिन कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।