प्रगति मैदान में आयोजित 'Know Your Weaves' प्रदर्शनी में असम, कच्छ, बनारस और भागलपुर के चार कारीगरों ने परम्परागत बुनाई तकनीकों को जीवंत किया। यह कार्यक्रम विश्व हैंडलूम दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।
मुख्य बिंदु
- असम की पारम्परिक लोन लूम का प्रदर्शन
- कच्छ, बनारस और भागलपुर की बुनाई कला भी प्रदर्शित
- हैंडलूम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में आयोजित
दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी में 7 अगस्त को शुरू हुई 'Know Your Weaves' प्रदर्शनी, विश्व हैंडलूम दिवस के शुभारंभ को चिह्नित करती है। यह प्रदर्शनी 10 अगस्त तक चलती रहेगी और भारत की विविध बुनाई विरासत को उजागर करती है।
असम की 57‑वर्षीय कारीगर मिताली बारुआह ने अपने पारम्परिक लोन लूम को जीवंत किया। गुवाहाटी की यह कारीगर, जो अपने मातृपरिवार से बुनाई सीखी, आज अपने स्वयं के उत्पादन केंद्र में कपास के टेबल मैट, स्टोल, शॉल और बैग बनाती हैं। वह कहती हैं कि इस पोर्टेबल लूम को पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े लूम स्थापित नहीं कर पाते, इसलिए दीवार या कमर में बांधकर उपयोग किया जाता है।
प्रदर्शनी में कच्छ के कढ़ाई‑बुनाई वाले कपास, बनारस के रेशमी सिल्क और भागलपुर के काला कपास के नमूने भी दर्शाए गए। प्रत्येक कारीगर अपने क्षेत्र की विशिष्ट सामग्री और तकनीक को दर्शाते हुए दर्शकों को परम्परा की गहराई से परिचित कराते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हैंडलूम भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा रहा है, जहाँ 3000 वर्ष पुरानी बुनाई परम्पराएं विभिन्न प्रदेशों में विकसित हुईं। असम के लोन लूम से लेकर कच्छ के कढ़ाई तक, ये तकनीकें स्थानीय समुदायों की आजीविका और सामाजिक पहचान को आकार देती आई हैं।
डॉ. रवि शर्मा, वस्त्र इतिहासकार, कहते हैं: “हाथ से बुनना न केवल कला है, बल्कि सतत विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that showcasing traditional handloom techniques on a national platform revitalizes rural economies and reinforces India’s soft power in global textile markets.
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विश्व हैंडलूम दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: यह प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है।
प्रश्न 2: लोन लूम का उपयोग किन क्षेत्रों में अधिक होता है?
उत्तर: यह मुख्यतः असम के पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है।