यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम ने मिलकर रूसी ग्रु (GRU) अधिकारियों और साइबर अपराधियों पर प्रतिबंध लगाए। यह कदम रूस द्वारा यूरोप के कई देशों में किए गए बड़े‑पैमाने के हैकिंग अभियानों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • EU और UK ने 33 रूसी व्यक्तियों व संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए
  • GRU के वरिष्ठ अधिकारी और कई सायबर‑क्राइम समूहों को निशाना बनाया गया
  • साइबर हमलों को रोकने और यूरोपीय बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई की गई

यूरोपीय संघ की परिषद ने आज नौ व्यक्तियों और चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि ये सभी रूसी सैन्य गुप्तचर (GRU) के अधिकारी और संगठित साइबर‑क्रिमिनल समूहों से जुड़े हैं। साथ ही, यूनाइटेड किंगडम ने अलग से 24 व्यक्तियों और संस्थाओं को लक्षित किया, जिनमें वरिष्ठ GRU अधिकारी – व्याचेस्लाव स्टाफ़ेयव, इवान सेनिन और इवान कास्यानेंको – शामिल हैं, जिन्हें साइबर और हाइब्रिड ऑपरेशनों का निर्देशन करने का आरोप है।

संयुक्त प्रतिबंध का दायरा

ब्रिटेन ने IMPULS कंपनी के कई सदस्यों को भी प्रतिबंधित किया, जिसे रूसी विश्वविद्यालयों से हैकरों की भर्ती करने का आरोप है। इसके अलावा, लुमा स्टीलर मैलवेयर ऑपरेशन से जुड़े व्यक्तियों को भी लक्ष्य बनाया गया, जिससे छह महीने में 2,100 से अधिक घरेलू पीड़ितों को नुकसान पहुंचा। मीडिया कंपनी Rybar LLC से जुड़े दस लोग भी यूक्रेन‑विरोधी प्रचार और मोल्दोवा व आर्मेनिया में संभावित चुनावी हस्तक्षेप के लिए नामांकित किए गए।

GRU द्वारा नियंत्रित सायबर समूह

EU परिषद ने रूसी संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) के 16वें केंद्र को कई सायबर‑थ्रेट समूहों, विशेषकर कुख्यात Turla हैकिंग ग्रुप, का नियंत्रणकर्ता बताया। 2010 से Turla ने फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, साइप्रस, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्लोवाकिया, रोमानिया और फिनलैंड जैसे देशों में सरकारी नेटवर्क और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को लक्षित किया है। हाल ही में पोलैंड के ऊर्जा ग्रिड पर एक असफल हमला भी Turla से जोड़ा गया, जिसमें 5 लाख लोगों को सर्दियों में बिजली कटौती का खतरा था।

EU के बयान और भविष्य की दिशा

परिषद ने कहा, “साइबर‑क्रिमिनल, स्वयं‑घोषित हैक्टिविस्ट और रूसी निर्देशित निजी कंपनियों द्वारा सार्वजनिक सेवाओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को लक्षित करने वाले दुष्प्रचार को हम दृढ़ता से निंदा करते हैं।” साथ ही, EU ने कहा कि ये प्रतिबंध साइबर‑खतरे को रोकने और यूरोपीय सदस्य देशों एवं अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

पछिला पृष्ठभूमि

पोलैंड में दिसंबर 2025 के अंत में हुए साइबर‑आक्रमण में, Sandworm समूह ने DynoWiper नामक विनाशकारी मैलवेयर को तैनात करने की कोशिश की, जिससे कई ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) उपकरण बर्बाद हो गए। इसी तरह, राष्ट्रीय न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर (NCBJ) को भी साइबर‑भेद्यताओं से बचाने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में, यूरोपीय आयोग ने जनवरी में नई साइबर सुरक्षा विधि का प्रस्ताव रखा था, जिसका उद्देश्य राज्य‑समर्थित ग्रुपों के ख़तरों को रोकना है।