मुंबई पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने HDFC ERGO के रूप में पहचान बनाकर लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराई और लगभग ₹3.4 लाख की धोखाधड़ी की। इस मामले में नकली कॉल सेंटर, स्क्रिप्ट और चोरी की वस्तुएँ बरामद हुईं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 12 आरोपियों को HDFC ERGO की नकल करके ठगी करने के लिए गिरफ्तार किया गया।
- धोखेबाजों ने नकली कॉल सेंटर और पूर्व-निर्मित स्क्रिप्ट का उपयोग कर ग्राहकों से क्रेडिट कार्ड जानकारी ली।
- पुलिस ने ₹17,18,200 मूल्य की वस्तुएँ, 28.05 ग्राम सोना और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।
मुंबई पुलिस ने 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जिन्होंने स्वयं को HDFC ERGO के प्रतिनिधि बताकर कई नागरिकों के क्रेडिट कार्ड डेटा की चोरी की। यह गिरफ़्तारी 22 जून को गोवंडी पुलिस स्टेशन में एक पीड़ित द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई, जिसमें बताया गया कि धोखेबाज ने “नो क्लेम बोनस” के नाम पर ₹1,53,825 की राशि का दावा करने के लिए कार्ड विवरण मांगा।
घटना का खुलासा
शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई और पुलिस ने “MK Recruitment Man Power” नामक नकली कॉल सेंटर का पता लगाया, जो कोहिनूर सिटी मॉल, कुर्ला पश्चिम में स्थित था। दो और समान झूठे कॉल सेंटर भी साई लिलावती निवास ग़ला और असाल्फा गाँव में बरामद किए गए। इन ठगी के पीछे एक व्यवस्थित नेटवर्क था, जहाँ स्क्रिप्ट‑आधारित वार्ता के माध्यम से पीड़ितों को उनके कार्ड की जानकारी देने के लिए मनवाया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
जांच के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, राउटर, मोबाइल फ़ोन और विभिन्न कंपनियों के सिम‑कार्ड जब्त किए गए। साथ ही 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल, 3 राउटर, 15 सिम‑कार्ड और 28.05 ग्राम सोना भी बरामद हुआ। इन उपकरणों से पता चला कि ठगी करने वाले ऑनलाइन खरीदी और पैकेज डिलीवरी के लिए ग्राहक के कार्ड का उपयोग कर रहे थे।
धोखाधड़ी की तकनीक और भविष्य के प्रभाव
ऐसे मामलों में प्रयुक्त “स्क्रिप्ट” धोखाधड़ी को सहज बनाती है, क्योंकि यह कॉल‑सेन्टर एजेंटों को तैयार संवाद प्रदान करती है जिससे वे भरोसेमंद दिखते हैं। इस प्रकार की तकनीक न केवल बीमा क्षेत्र में बल्कि व्यापक वित्तीय सेवाओं में भी जोखिम बढ़ा रही है। नियामक एजेंसियों को अब इस तरह की स्क्रिप्ट‑आधारित ठगी के विरुद्ध सख्त नियम और उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम लागू करने की आवश्यकता है।