हॉलीवुड की दिग्गज नफीसा अली ने स्टेज‑4 कैंसर के बावजूद अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रीमियर होने वाली अपनी नई फिल्म में काम किया। उपचार के बाद टूटा उनका आत्म‑विश्वास, लेकिन दृढ़ता ने फिर से कैमरा के सामने खड़ा किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- नफीसा अली को स्टेज‑4 कैंसर का निदान हुआ, फिर भी वह फिल्म ‘मैक्स, मिन और मियोजाकी’ में काम कर रही हैं।
- डायरेक्टर पद्मकुमार नरसिम्हा मूर्तिक ने उन्हें उपचार के दौरान भी कैमरा के सामने लौटने की प्रेरणा दी।
- फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हुआ और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रीमियर की तैयारी जारी है।
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026 – बॉलीवुड की प्रतिष्ठित अभिनेत्री नफीसा अली ने कैंसर के चरण‑4 निदान के बाद भी फिल्म‑निर्माण में अपनी वापसी की घोषणा की। 2018 में उन्होंने स्टेज‑3 कैंसर का खुलासा किया था, लेकिन हाल ही में रोग ने फिर से उनका शरीर घेर लिया, जिससे उन्हें नई चुनौती का सामना करना पड़ा।
कैंसर के साथ फिल्म‑निर्माण का संघर्ष
अली ने फ्री प्रेस जर्नल के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि वह शुरुआती दौर में कीमोथैरेपी और विभिन्न दवाओं के साथ यात्रा करती रही। फिर भी, उन्होंने ‘मैक्स, मिन और मियोजाकी’ नामक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म में भूमिका स्वीकार की, जबकि उनका शरीर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से अत्यधिक तनाव में था।
डायरेक्टर का समर्थन और पुनरुत्थान
फ़िल्म के निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हा मूर्तिक ने नफीसा को कहा, “आपकी बीमारी आपके टैलेंट को नहीं रोक सकती।” इस प्रोत्साहन ने अली को कैमरा के सामने फिर से खड़ा किया, जिससे उनका आत्म‑विश्वास धीरे‑धीरे पुनःस्थापित हुआ। उन्होंने कहा, “मैं अभी भी लड़ाई लड़ रही हूं, लेकिन अब मैं फिर से अभिनय कर सकती हूं।”
फिल्म का महत्व और अंतरराष्ट्रीय मंच
‘मैक्स, मिन और मियोजाकी’ का ट्रेलर हाल ही में लॉन्च हुआ और फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में प्रीमियर के लिए चयनित किया गया है। यह फिल्म नफीसा अली के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जो न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि भारतीय सिनेमा में उम्र‑वृद्ध कलाकारों की भूमिका को भी पुनः परिभाषित करती है।
भविष्य की राह
अली ने कहा कि वे आगे भी स्वास्थ्य‑सम्बंधित चुनौतियों के बावजूद काम करती रहेंगी, और दर्शकों को प्रेरित करने के लिए अपने अनुभवों को साझा करती रहेंगी। उनका संदेश स्पष्ट है: “कैंसर मेरा भाग्य नहीं, बल्कि मेरा संघर्ष है, और मैं इसे जीतने के लिए तैयार हूं।”