कर्नाटक वन विभाग ट्रेकिंग स्लॉट की बल्क बुकिंग रोकने और व्यक्तिगत ट्रेकर्स को समान अवसर देने के लिए ऑनलाइन सिस्टम में बड़े बदलाव करने जा रहा है।

कर्नाटक के प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचक ट्रेकिंग ट्रेल्स, विशेष रूप से कुद्रेमुख और नेत्रावती जैसे प्रसिद्ध रास्तों पर जाने वाले उत्साही लोगों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। वन विभाग ने यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया है जिनमें कहा गया था कि ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही सभी स्लॉट समाप्त हो जाते हैं, जिससे व्यक्तिगत ट्रेकर्स को मौका नहीं मिल पाता।

बल्क बुकिंग का खेल और टूर ऑपरेटर्स की मनमानी

जांच में यह बात सामने आई है कि बेंगलुरु और अन्य शहरों के कई टूर ऑपरेटर्स फर्जी नामों का उपयोग करके बड़ी संख्या में स्लॉट बुक कर लेते हैं। आरोप है कि ये ऑपरेटर्स पहले स्लॉट सुरक्षित करते हैं और बाद में ग्राहकों से पैसे लेकर वास्तविक नामों के साथ नई बुकिंग करते हैं। चूंकि प्रत्येक ट्रेकिंग ट्रेल पर प्रतिदिन अधिकतम 300 लोगों की अनुमति है, इसलिए यह 'बल्क बुकिंग' आम नागरिकों के लिए अवसरों को सीमित कर देती है।

प्रस्तावित तकनीकी बदलाव और कड़े नियम

मंगलुरु सर्कल के वन संरक्षक वी. करिकलन ने बताया कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विंग को सिस्टम में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। नए प्रस्तावों के तहत, एक ही IP एड्रेस से अधिकतम तीन बुकिंग तक की सीमा तय की जाएगी। इसके अलावा, बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) को अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है।

वेटिंग लिस्ट और स्वचालित आवंटन

प्रणाली को और अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए एक 'वेटिंग लिस्ट' शुरू करने का प्रस्ताव है। यदि कोई बल्क बुकिंग करने वाला व्यक्ति अपना स्लॉट रद्द करता है, तो वह स्लॉट स्वचालित रूप से प्रतीक्षा सूची में अगले व्यक्ति को आवंटित कर दिया जाएगा, न कि मूल बुक करने वाले को। वर्तमान में, ट्रेकर्स को बेस कैंप पर सरकारी पहचान पत्र दिखाना होता है, लेकिन यह प्रक्रिया बुकिंग के बाद की है, जिससे बुकिंग स्तर पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकना मुश्किल था।

पर्यावरण और पर्यटन का संतुलन

कर्नाटक के मंगलुरु सर्कल में कुल 44 ट्रेल्स में से 16 सबसे महत्वपूर्ण हैं। कुद्रेमुख वन्यजीव प्रभाग के तहत आने वाले राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्यों की संवेदनशीलता को देखते हुए, विभाग का लक्ष्य न केवल बुकिंग को पारदर्शी बनाना है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र पर मानवीय दबाव को भी नियंत्रित करना है।