अंकरा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरानी नेतृत्व को ‘स्कम’ और ‘बीमार लोग’ कहा, साथ ही स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुझ पर नौसैनिक नाकाबंदी की पुनःस्थापना की धमकी दी। इस बयान ने यू‑इरान संबंधों में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है।
अंकरा, तुर्की – 8 जुलाई 2026 को नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के शीर्ष अधिकारियों को ‘स्कम’ और ‘बीमार लोग’ कहकर कूटनीतिक माहौल को गरम कर दिया। यह टिप्पणी इराक में हुए हालिया हर्मुज जलडमरूमध्य पर व्यापारी जहाजों पर इरानी हमलों के बाद आई, जिन्हें ट्रम्प ने ‘समझौते का अंत’ बताया।
मुख्य बयान
सत्र के दौरान ट्रम्प ने कहा, “मैं इरान की हत्या सूची में नंबर एक हूँ… लेकिन मैं परवाह नहीं करता क्योंकि मैं अपना काम कर रहा हूँ।” उन्होंने आगे कहा, “हम कल रात उन्हें बहुत कड़ा मारते रहे, और आज रात फिर से संभवतः कड़ी कार्रवाई करेंगे।” इस प्रकार उन्होंने इरान के साथ मौजूदा समझौते को समाप्त मानते हुए, नई सैन्य कार्रवाई की संभावना को उजागर किया।
अमेरिका‑इरान संबंधों की पृष्ठभूमि
अमेरिका और इरान के बीच तनाव दशकों से जारी है, विशेषकर इरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में उसके रणनीतिक कदमों को लेकर। पिछले महीने दोनों देशों ने एक समझौता (MoU) किया था, जिससे हर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी हटाई गई थी। ट्रम्प के बयान इस समझौते को ‘समाप्त’ कर देते हैं और नौसैनिक नाकाबंदी को पुनः लागू करने की संभावना का संकेत देते हैं।
संभावित परिणाम
ट्रम्प की कड़ी शब्दावली न केवल इरान के साथ मौजूदा शांति समझौते को खतरे में डालती है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल मचा सकती है। हर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है; यहाँ कोई भी व्यवधान तेल की कीमतों में तेज़ी ला सकता है। साथ ही, नाटो के सदस्य देशों को भी इस नई अमेरिकी नीति को लेकर अपने-अपने रणनीतिक विकल्पों का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
विदेश नीति विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प का यह रुख अमेरिकी विदेश नीति में ‘अस्थिरता’ को दर्शाता है, जिससे मध्य पूर्व में पहले से ही जटिल गठबंधनों को और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। यदि अमेरिकी सेना वास्तव में इरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले करती है, तो क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा और नाटो की सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धता दोनों पर प्रश्न उठेंगे।