अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने 17 जून को इरान के साथ किए गए संघर्षविराम को समाप्त कर दिया और नई हवाई हमलों का आदेश दिया। इरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को निशाना बनाकर तनाव को फिर से बढ़ा दिया, जिससे विश्व तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ट्रम्प ने इरान के साथ 17 जून के संघर्षविराम को समाप्त किया
- इरान ने हार्मुज में टैंकरों पर हमला कर ऊर्जा सुरक्षा को हथियार बनाया
- संघर्ष का रिद्म अब इरान की तेल शिपिंग बाधा क्षमता पर निर्भर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को आधिकारिक घोषणा की कि 17 जून को इरान के साथ किए गए संघर्षविराम को अब "समाप्त" माना गया है और उन्होंने अमेरिकी सैन्य दलों को इरान के लक्ष्य पर नई हवाई हमले करने का आदेश दिया। यह कदम तब आया जब तहरीर ने हार्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को लक्ष्य बनाया, जिससे वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में उछाल आया।
पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ
जून 17 को, ट्रम्प प्रशासन ने इरान के साथ एक 14 बिंदु का समझौता दस्तावेज़ वैर्सायलों के महल में हस्ताक्षर किया था, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शांति समझौते की याद दिलाता है। हालांकि, इस समझौते में हार्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को स्पष्ट नहीं किया गया, जिससे दोनों पक्षों के बीच असहमति बनी रही। इस जलडमरूमध्य से प्रत्येक दिन विश्व के लगभग पाँच प्रतिशत तेल और तरल प्राकृतिक गैस गुजरती है, जिससे इसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।
इरान की नई नेतृत्व और रणनीति
सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, इरान को अब एक अधिक सैन्यीकृत नेतृत्व, मोजाताबा खामेनेई द्वारा शासित किया जा रहा है। इस नई टीम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह "हम नहीं झुकेंगे" और हार्मुज में टैंकरों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को बाधित करने की अपनी क्षमता को "स्वर्णीय हथियार" के रूप में उपयोग करेगा। उनका लक्ष्य यह दिखाना है कि इरान को जलडमरूमध्य में प्रमुख सुरक्षा शक्ति के रूप में मान्यता मिले बिना कोई स्थायी समझौता संभव नहीं।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और संभावित परिणाम
संयुक्त राज्य विदेश मंत्री मारको रूबियो और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ हुई ब्रीफिंग के बाद, ट्रम्प ने इरान को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेल बेचने की अनुमति रद्द कर दी और लगभग 90 लक्ष्य पर हवाई हमले करने का आदेश दिया। इरान ने जवाब में अमेरिकी-संबंधित सुविधाओं और खाड़ी के उन देशों पर प्रहार किया जहाँ अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है। हालांकि, वॉशिंगटन ने कहा है कि वह अभी भी कूटनीतिक समाधान की तलाश में है और क़तर एवं पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयास जारी हैं।
भविष्य का परिदृश्य
वर्तमान में संघर्ष का रिद्म इरान के पास अधिक है, क्योंकि वह हार्मुज में कम लागत पर तेल शिपिंग को बाधित कर सकता है, जबकि अमेरिका को स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े सैन्य खर्च और कड़ी प्रतिबंधों की आवश्यकता होगी। तेल कीमतों में निरंतर वृद्धि, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की अनिश्चितता और सार्वजनिक थकान दोनों पक्षों को सीमित विस्तार की ओर धकेल सकती है। यदि इरान इस रणनीति को आगे बढ़ाता रहा, तो यह क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे को और अधिक अस्थिर बना सकता है।