बावी, इस साल का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान, ने ज़ेजियांग प्रांत के तटवर्ती शहरों में भारी वर्षा और तेज़ हवाएं ला दी। लगभग दो मिलियन लोगों को सुरक्षित स्थल तक पहुँचाया गया, जबकि हजारों पेड़ गिरे और कई उड़ान व रेल सेवाओं में व्यवधान आया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- बावी इस वर्ष का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान बना
- लगभग 2 मिलियन लोगों का निकासी कार्य सफल
- उड़ानों, ट्रेनों और स्थानीय बुनियादी ढाँचे में बड़ा व्यवधान
जुलाई 2026 में चीन के पूर्वी तट पर उभरा बावी तूफ़ान, इस साल की सबसे तीव्र वायुमंडलीय घटना के रूप में दर्ज किया गया। आधी रात के समय ज़ेजियांग प्रांत के युहुआन शहर में पहली बार जमीन से टकराने के बाद, यह बावी वेंझोऊ के युएकिंग में फिर से पहुँचा, जहाँ तेज़ हवाओं ने इमारतों की छतें, पेड़ और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचाया।
विस्तृत निकासी और आपातकालीन प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने लगभग दो मिलियन निवासियों को व्यवस्थित रूप से खाली करवा दिया, मुख्यतः ज़ेजियांग के तटीय क्षेत्रों में। आपातकालीन टीमों ने एक्सकेवेटर, चेनसॉ और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर बाढ़‑ग्रस्त सड़कों को साफ किया तथा गिरते पेड़ों से बँधे हुए क्षेत्रों को सुरक्षित किया। राज्य प्रसारणकर्ता CCTV ने बताया कि युएकिंग में 1,300 से अधिक पेड़ गिरे, जिनमें 700 पूरी तरह जड़ से उखड़ गए।
मानव जीवन पर प्रभाव
टाइवान के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बावी के कारण 137 अंतरराष्ट्रीय और 62 घरेलू उड़ानें रद्द हुईं। चीन में, हांगज़ोउ के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन बंद कर दिए गए, जबकि शंघाई में 1,620 ट्रेनें और 684 उड़ानें रद्द हुईं। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 134 लोग चोटिल हुए, अधिकांश गिरते मोटरबाइक या फिसलन की वजह से, लेकिन किसी भी मृत्यु की सूचना नहीं मिली।
ऐतिहासिक संदर्भ और भविष्य की चुनौतियां
पिछले दो दशकों में चीन में दर्ज सबसे बड़े तूफ़ानों में बावी का स्थान उल्लेखनीय है। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती समुद्री तापमान, अधिक तीव्र वर्षा और तेज़ हवाओं को जन्म दे रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी तीव्र घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बुनियादी ढाँचा, विशेषकर तटीय क्षेत्रों में, को पुनर्निर्माण और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है, ताकि अगली बार संभावित नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आर्थिक प्रभाव
बावी के प्रभाव ने न केवल चीन बल्कि पड़ोसी देशों की भी आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित किया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में देरी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और वस्त्र उद्योग में, संभावित आर्थिक नुकसान का संकेत देती है। साथ ही, इस घटना ने जलवायु सुरक्षा के महत्व को दोबारा उजागर किया, जिससे विश्व स्तर पर अधिक कठोर नीतियों की मांग बढ़ी है।