एक लोकप्रिय स्ट्रीमर 'क्लेविकुलर' ने दावा किया है कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के सलाहकारों ने उनकी छवि सुधारने के लिए एक जिम लाइवस्ट्रीम का प्रस्ताव दिया था। सलाहकारों का मानना था कि नेतन्याहू युवाओं के बीच 'बूढ़े और अस्वस्थ' दिखाई दे रहे हैं, जिसे बदलने की जरूरत है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- स्ट्रीमर 'क्लेविकुलर' का दावा है कि नेतन्याहू की टीम ने जिम लाइवस्ट्रीम का प्रस्ताव रखा था।
- इस पीआर रणनीति का उद्देश्य नेतन्याहू के 'बूढ़े और अस्वस्थ' दिखने की धारणा को बदलना था।
- एक नाइटक्लब में सलाहकार के साथ बैठक की पुष्टि हुई है, लेकिन दावे अभी भी आधिकारिक रूप से असत्यापित हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जनसंपर्क (PR) रणनीतियों को लेकर एक नया और बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक लोकप्रिय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और स्ट्रीमर, जिन्हें ऑनलाइन दुनिया में 'क्लेविकुलर' (Clavicular) के नाम से जाना जाता है, ने खुलासा किया है कि नेतन्याहू के करीबी सलाहकारों ने उनसे संपर्क किया था। इस संपर्क का उद्देश्य इजरायली प्रधानमंत्री की गिरती हुई शारीरिक छवि को सुधारना और युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को बढ़ाना था।
युवाओं के बीच छवि सुधारने की अनोखी कोशिश
स्ट्रीमर क्लेविकुलर के अनुसार, नेतन्याहू के सलाहकारों का मानना था कि प्रधानमंत्री युवाओं के बीच काफी 'बूढ़े' और 'आउट ऑफ शेप' (अस्वस्थ) दिखाई दे रहे हैं। इस धारणा को बदलने के लिए, सलाहकारों ने एक अनोखा विचार पेश किया—एक लाइव जिम सत्र, जहां नेतन्याहू को कसरत करते हुए लाइव दिखाया जाए। इस लाइवस्ट्रीम के जरिए वे युवा मतदाताओं (Gen Z) को यह संदेश देना चाहते थे कि 70 की उम्र पार कर चुके नेतन्याहू आज भी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय और सक्षम हैं।
नाइटक्लब में बैठक और दावों की सच्चाई
हालांकि इस दावे को अभी तक किसी भी आधिकारिक इजरायली सरकारी सूत्र या प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सत्यापित नहीं किया गया है, लेकिन एक महत्वपूर्ण कड़ी की पुष्टि जरूर हुई है। स्ट्रीमर और नेतन्याहू के एक प्रमुख सलाहकार के बीच एक स्थानीय नाइटक्लब में मुलाकात की बात सच साबित हुई है। इस मुलाकात के बाद ही इन चर्चाओं को हवा मिली कि इजरायली नेतृत्व अब पारंपरिक मीडिया से हटकर आधुनिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर रुख कर रहा है।
वैश्विक राजनीति में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का नया दौर
यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि कैसे आधुनिक राजनीति में अब पारंपरिक रैलियों और टीवी साक्षात्कारों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी जा रही है। हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं को बड़े स्ट्रीमर्स (जैसे एडिन रॉस और लोगन पॉल) के साथ लाइव पॉडकास्ट करते देखा गया है। नेतन्याहू की टीम भी शायद इसी वैश्विक ट्रेंड को इजरायल में दोहराने की कोशिश कर रही थी, ताकि युवा पीढ़ी के साथ सीधे जुड़ा जा सके।