इंडियन मेटीयोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने इस हफ़्ते दिल्ली के लिए कोई बारिश नहीं, केवल बिखरे बादल और हल्की बूँदाबाँदी की संभावना बताई है। अधिकतम तापमान 36‑38°C तक बढ़ने की उम्मीद है, जबकि वायु गुणवत्ता संतोषजनक स्तर पर बनी रहेगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- दिल्ली में इस हफ़्ते कोई निरंतर बारिश नहीं, केवल बिखरी हुई हल्की बूँदाबाँदी।
- अधिकतम तापमान 36‑38°C, न्यूनतम 24‑26°C के बीच रहेगा।
- एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) संतोषजनक, 90‑100 के बीच रहेगा।
इंडियन मेटीयोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने 11 जुलाई, 2026 को जारी किए गए नवीनतम मौसम पूर्वानुमान में बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस हफ़्ते लगातार बादल छाए रहेंगे, परन्तु लगातार बारिश की संभावना नहीं है। यह संकेतक विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो दैनिक यात्रा, कृषि या स्वास्थ्य संबंधी योजना बना रहे हैं।
तापमान का विस्तृत विश्लेषण
IMD के डेटा के अनुसार, शनिवार (11 जुलाई) को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36‑38°C तक पहुँच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24‑26°C के बीच रहेगा। सफ़दरजंग स्टेशन ने 26.6°C न्यूनतम दर्ज किया, जो सामान्य औसत से 0.7°C कम है, परन्तु पिछले दिन से 0.8°C की हल्की बढ़ोतरी दर्शाता है। पलक, लोधी रोड, रिज़ और अयनागर जैसे प्रमुख मौसम स्टेशन भी समान रुझान दिखा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तापमान में मामूली उतार‑चढ़ाव के बावजूद समग्र रूप से गर्मी का स्तर बना रहेगा।
बारिश और बादल की संभावनाएँ
IMD ने कहा कि सुबह के समय हल्की बूँदाबाँदी के साथ थंडरस्टॉर्म और बिजली की संभावना है, परन्तु यह केवल बिखरे रूप में रहेगा। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप में सीधे संपर्क कम होगा, परन्तु निरंतर वर्षा नहीं होगी। इस कारण से कृषि क्षेत्रों में जलसंधारण की कमी महसूस की जा सकती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में धूल और पॉल्यूशन के स्तर में थोड़ा कमी की आशा है।
वायु गुणवत्ता पर नजर
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 91 पर रहा, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। यह 4 बजे शुक्रवार को दर्ज 65 के औसत से थोड़ा अधिक है, परन्तु अभी भी ‘अच्छा’ (0‑50) या ‘संतोषजनक’ (51‑100) सीमा के भीतर है। इस स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम हैं, परन्तु संवेदनशील समूहों को अत्यधिक धूप और हल्की धूल से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
भविष्य की दिशा और राष्ट्रीय प्रभाव
विस्तृत मोनसून ट्रैकिंग के अनुसार, देश भर में बरसात की शुरुआत सामान्य से एक दिन देर से हुई है, जिससे जलभंडार भरने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली में निरंतर बादल और हल्की बारिश की कमी का मतलब है कि शहरी जल आपूर्ति और जल-सेवन उपायों को पुनः मूल्यांकन करने की आवश्यकता होगी। साथ ही, यह मौसम पैटर्न मौसमी कृषि, ऊर्जा उत्पादन (विशेषकर सौर ऊर्जा) और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों पर भी प्रभाव डाल सकता है।