कर्नाटक सरकार ने दशकों पुराने कानूनों को बदलकर एक व्यापक अपार्टमेंट बिल पेश किया है, जो स्वामित्व, सुरक्षा और विवाद समाधान के नए मानक स्थापित करेगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 50 साल पुराने दो कानूनों को बदलकर नया 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) विधेयक, 2026' लाया जा रहा है।
- 30 वर्ष से अधिक पुराने अपार्टमेंट्स के लिए अनिवार्य संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट (Structural Safety Audit) का प्रावधान।
- पुनर्विकास (Redevelopment) के लिए 75% फ्लैट मालिकों की सहमति अनिवार्य होगी।
- विवादों के समाधान के लिए सिविल कोर्ट की शक्तियों वाले विशेष प्राधिकरण का गठन।
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने शहरी आवास क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) विधेयक, 2026' का मसौदा पेश किया है। एक दशक से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, यह प्रस्तावित कानून राज्य के अपार्टमेंट प्रबंधन के कानूनी ढांचे को पूरी तरह से बदलने का लक्ष्य रखता है। यह नया विधेयक आगामी 6 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा।
पुराने कानूनों का अंत और आधुनिक समाधान
वर्तमान में, अपार्टमेंट प्रबंधन 1972 के दो अलग-अलग कानूनों द्वारा शासित होता है। शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरी नाथ के अनुसार, ये पुराने कानून आधुनिक आवास की जटिलताओं को समझने में विफल रहे हैं, जिससे खरीदारों के लिए अनिश्चितता और बिल्डरों के साथ लंबे समय तक चलने वाले कानूनी विवाद पैदा होते हैं। नया बिल इन कानूनों को निरस्त कर एक एकीकृत ढांचा प्रदान करेगा, जो RERA के साथ भी सामंजस्य बिठाएगा।
सुरक्षा और पुनर्विकास पर विशेष जोर
इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पुराने अपार्टमेंट परिसरों की सुरक्षा है। सरकार ने अनिवार्य किया है कि जो अपार्टमेंट 30 वर्ष से अधिक पुराने हैं, उन्हें संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र (Structural Stability Certificate) जमा करना होगा। इसके अलावा, हर पांच साल में पुन: प्रमाणन आवश्यक होगा। पुनर्विकास (Redevelopment) के मामले में, यदि 75% मालिक सहमत होते हैं, तो प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जो मालिक पुनर्विकास के विरुद्ध होंगे, उन्हें उनकी संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य का कम से कम दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान है।
स्वामित्व और विवाद समाधान
नए नियमों के तहत, परियोजना की भूमि और सामान्य क्षेत्रों (Common Areas) का स्वामित्व अपार्टमेंट मालिकों को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके अलावा, विवादों को सुलझाने के लिए एक समर्पित द्वि-स्तरीय अपीलीय प्रणाली का प्रस्ताव है, जिसके पास सिविल कोर्ट के समान शक्तियां होंगी। यह कदम अपार्टमेंट एसोसिएशनों और निवासियों के बीच होने वाले आपसी झगड़ों को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।