बीजेपी सांसद कंगना राणावत ने कांग्रेस पर राम मंदिर दान मामले को राजनीति बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने दशकों तक मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब वही मुद्दा वोट‑बैंक बनाकर उपयोग कर रही है।
बीजेपी सांसद और फिल्मी हस्ती कंगना राणावत ने 8 जुलाई को जारी बयान में कांग्रेस को राम मंदिर दान केस को राजनीतिक लाभ के लिए प्रयोग करने का आरोप लगाया। हिमाचल प्रदेश के मंडी से प्रतिनिधित्व करने वाली राणावत ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, जबकि अब वह इस विवाद को मतों की खरीदारी के साधन के रूप में पेश कर रही है।
पृष्ठभूमि और विवाद की जड़ें
अयोध्या के राम मंदिर का मुद्दा भारत के इतिहास में सबसे संवेदनशील धार्मिक‑राजनीतिक संघर्षों में से एक रहा है। 1992 में बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद से कई न्यायिक प्रक्रियाएँ चलती आईं, और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने मंदिर निर्माण की अनुमति दी। इसके बाद मंदिर के निर्माण के लिए दान एकत्र करना शुरू हुआ, परन्तु दान के उपयोग और प्रबंधन को लेकर कई बार irregularities के आरोप लगे।
कांग्रेस का ऐतिहासिक विरोध
कांग्रेस ने स्वतंत्रता के बाद से ही अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर सतर्क रुख अपनाया था। 1990‑यों के दशक में जब इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुखता मिली, तब कांग्रेस ने अक्सर इसे सामाजिक सामंजस्य को बाधित करने वाला बताया। इस कारण कई कांग्रेस नेता अयोध्या के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से विरोध करते रहे, जिससे पार्टी को धर्म‑राजनीति से दूरी बनाए रखने की छवि मिली।
राणावत का नया आक्रमण
राणावत ने अपने बयान में कहा, "लॉर्ड राम लाखों भारतीयों के विश्वास का प्रतीक हैं, और इस मंदिर का निर्माण सदी‑सदियों के संघर्ष के बाद ही संभव हुआ। कांग्रेस अब इस पवित्र मुद्दे को वोट‑बैंक राजनीति में बदल रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंदिर के दान को राज्य के विकास योजनाओं में इस्तेमाल करने की कोशिश की, जबकि वह स्वयं इस मुद्दे को उठाकर राजनीतिक लाभ कमाना चाहती है।
भविष्य की संभावनाएँ
राणावत के इस बयान से राष्ट्रीय राजनीति में एक नई लहर उत्पन्न हो सकती है। यदि कांग्रेस इस मुद्दे को वास्तविक सुधारों के बजाय वोट‑बैंक के रूप में उपयोग करती रही, तो यह पार्टी की विश्वसनीयता को और घटा सकता है। वहीं, बीजेपी को यह अवसर मिल सकता है कि वह स्वयं को "सनातन संस्कृति की रक्षा करने वाला" पक्ष प्रस्तुत करे, जिससे वह धार्मिक‑संस्कृतिक वोट‑बैंक को मजबूत कर सके।
उत्तरी प्रदेश में विशेष जांच टीम (SIT) ने दान में धांधली के संबंध में आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, और राम मंदिर ट्रस्ट ने अपने जनरल सेक्रेटरी को बदल दिया है। इस बीच, राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है, और यह देखना बाकी है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में किस तरह की भूमिका निभाएगा।