शिवमोग्गा के सिविल वेलफेयर समिति (CWC) ने महिलाओं और बच्चों के लिए पहला कानूनी सेवा क्लिनिक खोला है। यह क्लिनिक ‘किड्स फर्स्ट लीगल सर्विसेज स्कीम‑2024’ के अंतर्गत संचालित होगा और हर सोमवार व बुधवार उपलब्ध रहेगा।
शिवमोग्गा के प्रिंसिपल डिस्ट्रीक्ट और सेशन जज मंजुनाथ जी.ए. ने आज एक नया कानूनी सहायता क्लिनिक खोला, जो सिविल वेलफेयर समिति (CWC) के परिसर में स्थित है। यह क्लिनिक राज्य में CWC के भीतर पहली बार स्थापित कानूनी सेवा सुविधा है।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
क्लिनिक को ‘किड्स फर्स्ट लीगल सर्विसेज स्कीम‑2024’ के तहत स्थापित किया गया है, जिसका लक्ष्य बाल एवं महिला अधिकारों के क्षेत्र में न्याय तक पहुँच को सरल बनाना है। एम.एस. संतोष, जिला लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सदस्य सचिव, ने बताया कि हर सोमवार और बुधवार को एक अनुभवी वकील उपस्थित रहेगा, जो CWC के आने वाले लोगों को कानूनी परामर्श देगा।
जज ने बताया कि “कानून से वंचित बच्चों को उचित देखभाल और शिक्षा का हक़ है। यह क्लिनिक उन्हें वह सहायता प्रदान करेगा जिसकी उन्हें आवश्यकता है।” इस बयान ने यह स्पष्ट किया कि यह पहल केवल कानूनी सलाह देने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है।
सिविल वेलफेयर समिति की अध्यक्ष ताजुद्दीन खान और बाल संरक्षण अधिकारी शशिरेखा भी इस कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने के लिए उपस्थित थे। उन्होंने क्लिनिक की स्थापना को बाल अपराध के शिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया, और जनता से राष्ट्रीय लीगल सर्विस अथॉरिटी हेल्पलाइन 15100 पर कॉल करने का आग्रह किया।
यह पहल राज्य में समान मॉडलों के विस्तार की संभावना को खोलती है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को न्याय तक पहुँच आसान हो सकेगी। यदि इस मॉडल को अन्य जिलों में भी अपनाया जाए तो यह बाल अधिकारों के क्षेत्र में एक स्थायी परिवर्तन लाने में सहायक हो सकता है।