विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 30% तक के मतदाता फॉर्मों में अनमैप्ड या त्रुटिपूर्ण जानकारी पाई गई है। ये मतदाता अब निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) से नोटिस प्राप्त करेंगे और अपनी नागरिकता प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज़ प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • तेलंगाना में 30% फॉर्मों में अनियमितताएँ या अनमैप्ड स्थिति पाई गई।
  • 20 लाख से अधिक मतदाता अब ERO की नोटिस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
  • नोटिस चरण 31 जुलाई से 28 सितंबर तक चलेगा, जिसमें दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।

तेलंगाना में चल रहा विशेष गहन संशोधन (SIR) अब तक 66.66 लाख सूचीकरण फॉर्मों की जांच कर चुका है, जिसमें 20 लाख से अधिक मतदाता अनमैप्ड या त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण चिन्हित हुए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन सूची को शुद्ध बनाना और संभावित दोहराव या गलतियों को समाप्त करना है।

पृष्ठभूमि और प्रक्रिया

SIR का प्रारंभिक चरण 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ‑स्तर अधिकारियों (BLO) द्वारा घर‑घर जाकर किया गया। इस दौरान प्रत्येक मतदाता का नाम, उम्र और रिश्तेदारों की जानकारी जांची गई, और पूर्व 2002 के SIR में मौजूद रिकॉर्ड के साथ तुलना की गई। अनमैप्ड मतदाता वे होते हैं जिनके नाम या रिश्तेदारों के नाम पिछले रिकॉर्ड में नहीं मिलते।

अनियमितताओं की विस्तृत सूची

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने कुल 11 प्रकार की अनियमितताओं की पहचान की है, जैसे कि दो पीढ़ियों के बीच कम उम्र अंतर, पूर्व रोल और वर्तमान रोल में माता‑पिता के नाम में असंगति, तथा रिश्तेदार के प्रकार में परिवर्तन। इन नियमों के उल्लंघन के कारण लगभग 18 लाख फॉर्मों में त्रुटियाँ पाई गईं, जबकि अनमैप्ड मतदाता लगभग दो लाख थे।

भौगोलिक वितरण और प्रभाव

रंगा रेड्डी जिले में अनमैप्ड मतदाताओं की संख्या 22,000 से अधिक रही, जबकि निजामाबाद में अनियमितताओं की संख्या 1.84 लाख तक पहुंची। प्रतिशत के हिसाब से मेडचल मल्काजगिरी में 27% फॉर्म अनमैप्ड पाए गए, जबकि हैदराबाद में 57% फॉर्मों में अनियमितताएँ दर्ज की गईं। यह दर्शाता है कि शहरी क्षेत्रों में डेटा विसंगतियों की संभावना अधिक है।

नोटिस चरण और आगे की कार्यवाही

फॉर्मों के वितरण और संग्रह के बाद, अनमैप्ड और त्रुटिपूर्ण जानकारी वाले मतदाता 31 जुलाई से 28 सितंबर तक ERO से नोटिस प्राप्त करेंगे। नोटिस में उन्हें निर्धारित समय पर अपने नागरिकता प्रमाण के लिए 11 दस्तावेज़ों में से कम से कम नौ प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें आधार या खाद्य सुरक्षा कार्ड शामिल नहीं है। इस चरण के बाद, यदि दस्तावेज़ मान्य होते हैं तो मतदाता अपनी नामांकन स्थिति को सुरक्षित रख सकेंगे; अन्यथा उन्हें वैधता से बाहर कर दिया जाएगा।

भविष्य की समय-सारिणी

सभी फॉर्मों की अंतिम प्रकाशन 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में एक साफ‑सुथरी मतदाता सूची सुनिश्चित होगी। इस प्रक्रिया की सफलता न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे भारत में निर्वाचन सुधार के लिए एक मॉडल बन सकती है।