हरियाणा कांग्रेस के इन-चार्ज संजय दत्त ने फ्रंटल संगठनों को पार्टी की रीढ़ मानते हुए महिलाओं के अधिकार, श्रमिक सुरक्षा, महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर फोकस करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत करना है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • फ्रंटल संगठनों को कांग्रेस की रीढ़ माना गया
  • महिला अधिकार, श्रमिक सुरक्षा, महंगाई व बेरोज़गारी को प्राथमिकता
  • पार्टी की जमीनी ताकत बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान निर्देशित

संजय दत्त ने 10 जुलाई को चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के राज्य प्रमुखों के साथ एक विस्तृत बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पार्टी के मूलभूत ढाँचे को पुनर्जीवित करने के लिए कई रणनीतिक निर्देश दिए।

फ्रंटल संगठनों को रीढ़ मानने का ऐतिहासिक संदर्भ

कांग्रेस की संरचना में फ्रंटल इकाइयाँ—सेवा दल, महिला कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) आदि—सदियों से जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय रखने का काम करती आई हैं। दत्त ने कहा कि इन संस्थाओं के बिना कांग्रेस का दायरा सीमित रह जाता है, खासकर ग्रामीण हरियाणा में जहाँ सामाजिक‑राजनीतिक गतिशीलता तेज़ है।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

दत्त ने महिला कांग्रेस को “महिला अधिकार, सशक्तिकरण और सुरक्षा” को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “महिला राजनीति में भागीदारी बढ़ाना, उनके खिलाफ बढ़ते अपराधों से लड़ना और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।” इस दिशा में स्थानीय पंचायतों, स्कूलों और महिला समूहों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।

श्रमिक वर्ग और OBC के अधिकार

INTUC को श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने और शोषण के खिलाफ लड़ने के लिए विस्तृत प्रचार‑प्रसार शुरू करने का आदेश मिला। साथ ही, अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) के सामाजिक न्याय और संविधानिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए विशेष outreach कार्यक्रमों की घोषणा की गई।

आर्थिक चुनौतियों से निपटना

महंगाई, बेरोज़गारी और ग्रामीण विकास को लेकर दत्त ने फ्रंटल संगठनों को स्थानीय स्तर पर समाधान‑उन्मुख पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “यदि प्रत्येक इकाई अपने क्षेत्र में सक्रिय रहती है, तो कांग्रेस का जनसमर्थन और संगठनात्मक ढाँचा और भी मजबूत होगा।”

इन निर्देशों के कार्यान्वयन के बाद, दत्त ने सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे लगातार जनता के साथ जुड़ें, स्थानीय समस्याओं को उठाएँ और उन्हें पार्टी के एजेंडे में शामिल करें। यह व्यापक पुनर्संरचना हरियाणा में कांग्रेस को फिर से प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।