एक ईरानी खतरे के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयर फोर्स वन को गुप्त रूप से बदला। मीडिया दल को एक 'डिकॉय' विमान पर भेजा गया ताकि असली विमान की सुरक्षा की जा सके।
मुख्य बातें
- ईरानी सुरक्षा खतरे के कारण ट्रंप ने विमान परिवर्तन का निर्णय लिया।
- प्रेस पूल और सुरक्षा कर्मियों को एक 'डिकॉय' विमान पर भेजा गया।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है।
हालिया सुरक्षा जांचों और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले महीने एक संभावित ईरानी खतरे के जवाब में, ट्रंप ने अपनी यात्रा के लिए उपयोग किए जाने वाले मुख्य विमान को गुप्त रूप से बदल दिया।
इस रणनीति के तहत, व्हाइट हाउस प्रेस पूल, सुरक्षा कर्मियों और सहायता कर्मचारियों को एक अलग विमान में भेजा गया। इस विमान का मुख्य उद्देश्य एक 'डिकॉय' (Decoy) के रूप में कार्य करना था, ताकि हमलावरों का ध्यान मुख्य विमान से भटकाया जा सके। ट्रंप ने पत्रकारों को रवाना करने से पहले चेतावनी देते हुए कहा, "आप एक खतरनाक उड़ान पर हैं"।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम दर्शाता है कि उच्च-स्तरीय नेताओं की सुरक्षा के लिए अब केवल पारंपरिक सुरक्षा ही काफी नहीं है। डिकॉय विमानों का उपयोग यह संकेत देता है कि आधुनिक खतरों, विशेष रूप से साइबर और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए अब 'धोखा देने वाली सुरक्षा' (Deceptive Security) की रणनीति अपनाई जा रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिकॉय विमानों का उपयोग केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि अब उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में एक आवश्यकता बन गया है।
ऐतिहासिक रूप से, राष्ट्रपति और महत्वपूर्ण राजनेताओं के लिए विमानों का चयन अत्यधिक गोपनीय रखा जाता है। पिछले कुछ दशकों में, हवाई सुरक्षा के बढ़ते खतरों ने एयर फोर्स वन के परिचालन प्रोटोकॉल में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: 'डिकॉय' विमान क्या होता है?
उत्तर: यह एक ऐसा विमान है जिसे दुश्मन को गुमराह करने और असली लक्ष्य से ध्यान हटाने के लिए भेजा जाता है।
प्रश्न 2: ट्रंप ने यह निर्णय क्यों लिया?
उत्तर: एक संभावित ईरानी खतरे के कारण उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया था।