चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने कहा कि 12‑13 जुलाई को कई पूर्वी और उत्तर‑पूर्वी शहरों में तेज़ हवाएँ और भारी बारिश होगी। बावी टायफून ने अभी भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है, जबकि उसकी तीव्रता घट रही है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- टाइफ़ून बावी अब ट्रोपिकल स्टॉर्म की श्रेणी में गिर गया है।
- ज़hejiang, शंघाई, फ़ुजियान जैसे प्रांतों में बड़े पैमाने पर निकासी और उड़ान रद्दी हुई है।
- भारी बारिश और तेज़ हवाओं से बुनियादी ढाँचे पर असर और संभावित बाढ़ की आशंका है।
टाइफ़ून बावी ने 12 जुलाई को चीन के ज़hejiang प्रांत में प्रवेश किया, लेकिन जल्दी ही ट्रोपिकल स्टॉर्म में गिरते हुए भी कई प्रदेशों में तेज़ हवाओं और तीव्र वर्षा का कारण बना। राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने बताया कि बावी के कमजोर होने के बावजूद, अगले दो दिनों में पूर्वी और उत्तर‑पूर्वी चीन के कई बड़े शहरों में ‘भारी‑से‑भारी’ बारिश और 70‑80 किमी/घंटा तक की हवाएँ चलेंगी।
पिछला मौसम इतिहास और बावी की विशेषता
बावी इस वर्ष के सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक है, जो पूर्वी एशिया के तटवर्ती क्षेत्रों में बार-बार उभरे हैं। पिछले दशकों में इसी तरह की टायफून ने चीन के ताइवान जलवायु को प्रभावित किया है, जिससे जलीय बाढ़, बाढ़‑आधारित विनाश और बड़े पैमाने पर जनसंख्या की निकासी हुई। बावी के मामले में, ज़hejiang में 2.2 मिलियन लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया, जबकि शंघाई में 290,000 से अधिक लोग प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाले गए।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
बावी की तेज़ हवाओं ने ज़hejiang के युएकिंग शहर में 1,300 से अधिक पेड़ों को गिरा दिया, जिनमें से 700 से अधिक जड़ से उखड़ चुके हैं। इस तरह की वनस्पति क्षति न केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा करती है, बल्कि बुनियादी ढाँचे, जैसे बिजली लाइन और संचार नेटवर्क, को भी नुकसान पहुंचा सकती है। शंघाई के पुडोंग और होंगक़ियाओ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर 653 उड़ानों का रद्द होना यात्रियों और माल ढुलाई में बाधा उत्पन्न करेगा।
भविष्य की संभावनाएँ और तैयारियाँ
विशेषज्ञों का मानना है कि बावी की शेष ऊर्जा उत्तर‑पूर्वी चीन में जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती मानसून की तीव्रता के साथ मिलकर बाढ़ की संभावनाओं को बढ़ा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन सेवाएँ, जल निकासी प्रणालियों की जाँच, और नागरिकों को चेतावनी जारी करने की तैयारी को तेज़ किया है। साथ ही, टायफून के बाद की संभावित जलवायु प्रतिकूलताओं को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक होगा।