फीफा विश्व कप 2026 की तैयारियां शुरू होने के साथ ही गोल्डन बूट के दावेदारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। किलियन एम्बापे, एर्लिंग हालैंड और लियोनेल मेसी के बीच इस बार का मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने जा रहा है। इस वैश्विक महाकुंभ में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर्स के बीच 'गोल्डन बूट' हासिल करने की होड़ सबसे आकर्षक पहलुओं में से एक होगी। साल 2022 के कतर विश्व कप में फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे ने 8 गोल दागकर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया था, जबकि अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी 7 गोल के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। आगामी टूर्नामेंट में यह प्रतिद्वंद्विता एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है।
किलियन एम्बापे: खिताब बचाने की चुनौती
रियल मैड्रिड के नए स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे एक बार फिर इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उतरेंगे। उनकी गति, ड्रिबलिंग कौशल और गोल करने की अचूक क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड्स में से एक बनाती है। कतर के फाइनल में उनकी शानदार हैट्रिक ने साबित कर दिया था कि वे बड़े मंचों पर दबाव झेलने में पूरी तरह सक्षम हैं। एम्बापे की नजरें लगातार दूसरा गोल्डन बूट जीतकर इतिहास रचने पर होंगी।
एर्लिंग हालैंड: नॉर्वे की गोल-मशीन का खतरा
मैनचेस्टर सिटी के लिए प्रीमियर लीग में गोलों की झड़ी लगाने वाले एर्लिंग हालैंड इस रेस के सबसे बड़े 'एक्स-फैक्टर' हैं। हालांकि, हालैंड की भागीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि नॉर्वे विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर पाता है या नहीं। यदि नॉर्वे मुख्य ड्रॉ में जगह बनाता है, तो हालैंड अपनी शारीरिक क्षमता और क्लिनिकल फिनिशिंग के दम पर किसी भी रक्षापंक्ति को ध्वस्त कर गोल्डन बूट पर कब्जा कर सकते हैं।
मेसी का आखिरी दांव और उभरते सितारे
इस रेस में लियोनेल मेसी की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि वह अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं, लेकिन इंटर मियामी के लिए उनका हालिया प्रदर्शन दर्शाता है कि उनके पास अभी भी खेल को बदलने का जादू बाकी है। इसके अलावा, ब्राजील के विनीसियस जूनियर और इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम जैसे युवा खिलाड़ी भी इस दौड़ में अप्रत्याशित दावेदार बनकर उभर सकते हैं।
48 टीमों का नया प्रारूप और गोलों की बौछार
2026 विश्व कप का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका नया विस्तारित प्रारूप है। इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें भाग लेंगी, जिससे मैचों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। अधिक मैचों का सीधा मतलब है कि स्ट्राइकर्स को गोल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इस बार गोल्डन बूट विजेता का गोल टैली पिछले कई संस्करणों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है।