काइलियन मैबापे और औस्माने डेम्बेले ने दूसरे हाफ में करियर‑स्मृति गोल किए, जिससे फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर 2026 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। अब टीम डैलास में स्पेन या बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला तय करेगी।
फ़्रांस ने बौस्टन स्टेडियम में मोरक्को के खिलाफ 2-0 की साफ जीत के साथ 2026 FIFA विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। काइलियन मैबापे की चमकदार क्षणिकता और औस्माने डेम्बेले की तेज़ फिनिश ने मोरक्को की मजबूत रक्षा को ध्वस्त कर दिया।
दूसरे हाफ की निर्णायक पैंट्री
मैच के 60वें मिनट में मैबापे ने डेसिरे दोए के पास से पास लेकर दाएं पैर की शानदार किक से गोल किया। यह गोल केवल 6 मिनट में दो गोलों की श्रृंखला का पहला था, जब 66वें मिनट में डेम्बेले ने मध्य में खुली जगह का फायदा उठाकर निचले दाएं कोने में गेंद को ठोक दिया। मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनो ने दोनो ही शॉट्स को हाथ से रोकने की कोशिश की, परन्तु गेंद जाल में जा ही गई।
पहले हाफ की कड़ी लड़ाई
पहले हाफ में फ्रांस ने 1.87 xG (अपेक्षित गोल) के साथ दबाव बनाया, जबकि मोरक्को को कोई शॉट भी नहीं मिला। 26वें मिनट में मैबापे की तेज़ ड्राइव ने मोरक्को को पेनल्टी में ले गया, पर बुनो ने उसे शानदार बचाव किया। यह बचाव मोरक्को को अस्थायी रूप से शून्य बनाए रखने में मददगार साबित हुआ।
मोरक्को की बचाव रणनीति और बुनो की हीरोइक प्रदर्शन
मोरक्को ने गहरी रक्षा और केंद्र में टाइटेनियम दीवार के रूप में बुनो को स्थापित किया। बुनो ने सात महत्वपूर्ण बचाव किए, जिसमें माइकल ओलिसे और एड्रियन राबियो के लम्बी दूरी के शॉट्स भी शामिल थे। 89वें मिनट में फ्रांस के ब्रैडली बारकोला की तेज़ काउंटर‑अटैक को बुनो ने एकल हाथ से रोककर खेल को और रोमांचक बनाया।
आगे क्या?
डेस्चैम्प्स के नेतृत्व में फ्रांस अब डैलास में अगले क्वार्टर‑फ़ाइनल के विजेता, यानी स्पेन या बेल्जियम, के खिलाफ मुकाबला करने के लिए तैयार है। इस जीत ने फ्रांस को न केवल टैक्टिकल रूप से बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी मजबूत किया है, जबकि मोरक्को को अपने ह्रदय में चोट के साथ वापस लौटना पड़ेगा।