प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 77 विदेश यात्राओं पर सरकार ने ₹557.51 करोड़ खर्च किए हैं। विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि इन यात्राओं से विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते और निवेश सुनिश्चित हुए हैं।

मुख्य बातें

  • 2021 से जुलाई 2026 के बीच पीएम मोदी की 77 विदेश यात्राएं हुईं।
  • कुल खर्च ₹557.51 करोड़ रहा, जिससे कई महत्वपूर्ण MoU हुए।
  • इस अवधि के दौरान $381.8 बिलियन का कुल FDI प्रवाह दर्ज किया गया।
  • यूएई (UAE) के साथ सर्वाधिक 44 समझौते किए गए।

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2021 से जुलाई 2026 के बीच की 77 विदेश यात्राओं पर सरकार ने लगभग ₹557.51 करोड़ खर्च किए हैं। राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने सदन में जानकारी दी कि इन यात्राओं का उद्देश्य केवल राजनयिक संबंध बनाना नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना था।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इन यात्राओं के परिणामस्वरूप कुल 316 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें से सबसे अधिक 44 समझौते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ, 33 फ्रांस के साथ, 16 इजरायल के साथ और 8 अमेरिका के साथ हुए। इन समझौतों ने भारत के आर्थिक और सुरक्षा ढांचे को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान की है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, प्रधानमंत्री की इन यात्राओं का सीधा संबंध भारत की 'ग्लोबल साउथ' की लीडरशिप और आर्थिक मजबूती से है। $381.8 बिलियन का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) प्रवाह यह दर्शाता है कि भारत की कूटनीति वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास पैदा करने में सफल रही है।

विदेश यात्राओं की सफलता केवल खर्च या समझौतों की संख्या से नहीं, बल्कि उनसे पैदा हुए रोजगार और निवेश की मात्रा से मापी जानी चाहिए।

विपक्ष ने इस खर्च पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि समझौतों का मूल्यांकन वास्तविक परिणामों, जैसे कि लागू परियोजनाओं और नौकरियों के सृजन के आधार पर किया जाना चाहिए। विशेष रूप से अमेरिका के साथ हुए समझौतों पर रणनीतिक हितों को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले एक दशक में भारत की विदेश नीति में व्यापक बदलाव आया है। 'एक्ट ईस्ट' नीति से लेकर 'पश्चिम के साथ रणनीतिक साझेदारी' तक, भारत ने अपनी उपस्थिति हर महाद्वीप पर दर्ज कराई है। पीएम मोदी के कार्यकाल में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (जैसे UPI) का वैश्विक विस्तार भी इन यात्राओं का एक प्रमुख हिस्सा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: भारत के UPI प्लेटफॉर्म को अब इजरायल सहित कई देशों के साथ एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पीएम मोदी की यात्राओं पर कुल कितना खर्च हुआ?
2021 से जुलाई 2026 के बीच कुल ₹557.51 करोड़ खर्च किए गए।

2. सबसे अधिक कितने समझौते किस देश के साथ हुए?
सबसे अधिक 44 समझौते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ हुए हैं।