बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कचरा साफ न करने वाले सरकारी कार्यालयों को नोटिस जारी करने का सख्त आदेश दिया है। 'त्यागदिंद से स्वातंत्र्य' अभियान के तहत शहर में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य बातें
- सरकारी कार्यालयों को अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों से कचरा हटाना अनिवार्य होगा।
- अभियान के तहत अब तक 10,056 टन निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरा हटाया जा चुका है।
- शहर में 3,022 अवैध डंपिंग साइटों की पहचान की गई है।
- ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर कचरा ढोने वाले ट्रकों की आवाजाही सुगम बनाई जाएगी।
बेंगलुरु के विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि जो भी सरकारी विभाग अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सफाई करने में विफल रहेंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। यह निर्देश ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) की सीमा के भीतर चल रहे 'त्यागदिंद से स्वातंत्र्य' (कचरे से मुक्ति) अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता अभियान को गति दी जा रही है। 1 अगस्त से 6 अगस्त के बीच, नागरिक निकायों ने बेंगलुरु के 453 सार्वजनिक स्थानों से 10,056 टन निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरा साफ किया है। अधिकारियों ने बताया कि शहर भर में 3,022 अवैध डंपिंग स्थल पाए गए हैं, जहाँ लगभग 59,823 टन मलबा जमा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु जैसे महानगर में अनियंत्रित निर्माण कचरा न केवल सड़कों को बाधित करता है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था को भी पंगु बना देता है। सरकारी विभागों को जवाबदेह बनाकर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्वच्छता केवल नागरिकों तक सीमित न रहे, बल्कि स्वयं सरकार भी उदाहरण पेश करे।
कचरा प्रबंधन में सरकारी विभागों की जवाबदेही तय करना शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
मंत्री गौड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान निर्धारित क्वारी साइटों पर मलबे का निपटान निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डंपिंग साइटों पर तैनात मार्शल को भोजन, पानी और आश्रय जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। इसके अलावा, रेलवे भूमि पर स्वच्छता कार्यों में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त की गई और रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
क्या आप जानते हैं?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'त्यागदिंद से स्वातंत्र्य' अभियान क्या है?
यह ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी द्वारा चलाया जा रहा एक स्वच्छता अभियान है जिसका उद्देश्य शहर को निर्माण और विध्वंस कचरे से मुक्त करना है।
2. क्या निजी क्षेत्र पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा?
वर्तमान निर्देश मुख्य रूप से सरकारी विभागों पर केंद्रित हैं, लेकिन अवैध डंपिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई पूरे शहर के लिए लागू है।