राष्ट्रिय अपराध एजेंसी (NCA) ने 2020 में स्थापित 'रूसी कम्स' नामक कॉलर‑आईडी स्पूफ़िंग सेवा से जुड़े पाँच लंदन निवासियों को धोखाधड़ी, संपत्ति ध्वंस और पासकोड न देने के आरोपों में पेश किया। इस प्लेटफ़ॉर्म ने 1.8 मिलियन से अधिक घोटाला कॉल किए, जिससे लाखों लोगों को नुकसान पहुँचा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • रूसी कम्स प्लेटफ़ॉर्म को 2020 में बनाया गया था और यह 1.8 मिलियन से अधिक घोटाला कॉलों के लिए इस्तेमाल हुआ।
  • लंदन के पाँच आरोपियों को धोखाधड़ी, अवैध संपत्ति स्थानांतरण और पासकोड न देने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया।
  • ऑपरेशन हेनहाउस के हिस्से के रूप में 290 से अधिक व्यक्तियों की गिरफ्तारी और प्लेटफ़ॉर्म का बंद होना हुआ।

राष्ट्रिय अपराध एजेंसी (NCA) ने शुक्रवार, 14 अगस्त को वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट में पाँच लोगों को पेश किया, जिन पर रूसी कम्स (Russian Coms) नामक कॉलर‑आईडी स्पूफ़िंग प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े गंभीर अपराधों का आरोप है। यह प्लेटफ़ॉर्म, जो 2020 में मोबाइल‑आधारित एप्लिकेशन के रूप में शुरू हुआ, बाद में वेब‑आधारित सेवा में बदल दिया गया और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को अपने वास्तविक पहचान को छुपाते हुए बैंक, टेलीकॉम और पुलिस संस्थानों के नाम पर कॉल करने की सुविधा प्रदान करता था।

प्लेटफ़ॉर्म का कार्य‑प्रणाली और आर्थिक प्रभाव

रूसी कम्स ने एन्क्रिप्टेड कॉल, वॉइस‑चेंजिंग, नो‑लॉग्स और 24/7 ग्राहक‑समर्थन जैसी सुविधाएँ प्रदान कीं, जिससे घोटाला करने वाले इसे आसानी से उपयोग कर सकें। प्लेटफ़ॉर्म की कीमतें 1,200 से 1,400 पाउंड तक के क्रिप्टोकरेंसी में थीं, और 6‑महीने के अनुबंध के तहत सैकड़ों अपराधियों ने इसे खरीदा। इस सेवा के माध्यम से 2024 में 170,000 से अधिक पीड़ितों को अनुमानित 10 करोड़ पाउंड से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ।

न्यायिक कार्रवाई और ऑपरेशन हेनहाउस

नियंत्रण के तहत, NCA ने मार्च 2024 में रूसी कम्स को बंद किया और लंदन के न्यूहैम में तीन मुख्य शंकाओं को गिरफ्तार किया, जिनमें दो प्लेटफ़ॉर्म के प्रशासक और डेवलपर माने गए। इस कार्रवाई को यूरोपोल के सहयोग से चलाए गए व्यापक “ऑपरेशन हेनहाउस” का हिस्सा माना गया, जिसके तहत इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में कुल 290 से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इस पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़ोन स्पूफ़िंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त संदेश दिया।

भविष्य की चुनौतियाँ और सुरक्षा सुझाव

कॉलर‑आईडी स्पूफ़िंग तकनीक के निरंतर विकास के साथ, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने संभावित जोखिमों को कम करने के लिए बहु‑स्तरीय प्रमाणीकरण, एन्क्रिप्शन और वास्तविक‑समय मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। कंपनियों और व्यक्तियों को अनजान कॉलर‑आईडी से आए संदेशों को सतर्कता से जांचना चाहिए और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले आधिकारिक चैनलों के माध्यम से पुष्टि करनी चाहिए।