दिल्ली का AQI रविवार को 261 तक पहुँच गया, जो पिछले 85 दिनों में दर्ज सबसे ऊँचा मान है। तापमान 45.7°C तक पहुँचने के साथ, स्वास्थ्य पर गंभीर असर की चेतावनी जारी की गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • दिल्ली का AQI 261, 85 दिनों में सबसे अधिक
  • फील‑लाइक तापमान 45.7°C, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा
  • वायु प्रदूषण के मुख्य कारण: वाहन, निर्माण धूल, कृषि जलाने की धुंध

रविवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 261 तक पहुँचा, जिससे शहर की वायु को ‘खराब’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया। यह स्तर पिछले 85 दिनों में दर्ज सबसे अधिक है और राष्ट्रीय मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए फील‑लाइक तापमान 45.7°C के साथ मिलकर शहरी निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।

पृष्ठभूमि और कारण

दिल्ली की वायु प्रदूषण समस्या मौसमी बदलावों से कम नहीं है। गरमी के महीने में धूप और उच्च तापमान रासायनिक प्रतिक्रियाओं को तेज कर देते हैं, जिससे पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5) का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा, बढ़ते वाहन ट्रैफ़िक, निर्माण स्थल से धूल, और उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के किसानों द्वारा खेतों की जलाने की प्रथा भी प्रमुख कारक हैं। पिछले कुछ वर्षों में, इन कारणों के संयोजन ने दिल्ली के AQI को बार-बार खतरे के स्तर पर पहुंचा दिया है।

स्वास्थ्य पर असर

261 का AQI ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जिसका मतलब है कि संवेदनशील समूह—जैसे बुजुर्ग, बच्चों और श्वसन रोगियों—को तत्काल स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ेगा। उच्च तापमान के साथ मिलकर, यह स्थिति हृदय रोग, अस्थमा और अन्य श्वसन समस्याओं को तीव्र कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि इस प्रकार के मौसम में बाहर कम समय बिताएँ, मास्क पहनें और यदि संभव हो तो शुद्ध हवा वाले स्थानों में रहें।

सरकारी उपाय और भविष्य की दिशा

दिल्ली सरकार ने पहले भी कई उपाय लागू किए हैं, जिनमें सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और धुंधयुक्त क्षेत्रों में जलाने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। हालांकि, इस बार के रिकॉर्ड स्तर से स्पष्ट होता है कि मौजूदा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के समाधान के लिए सख्त वाहन उत्सर्जन मानकों, हरित क्षेत्रों के विस्तार और सामुदायिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए, राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसियों और स्वास्थ्य विभागों ने तत्काल चेतावनी जारी की है, जिसमें नागरिकों को खुले स्थानों में कम समय बिताने और श्वसन सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। यह चेतावनी न केवल दिल्ली बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी लागू होती है, जहाँ हवा का प्रवाह तेज़ी से प्रसारित हो रहा है।