तमिलनाडु के सेलम जिले ने निजी एम्बुलेंस को सरकारी अस्पतालों में रोगी उठाने‑छोड़ने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कदम अनधिकृत ट्रांसफर और निजी अस्पतालों में मरीजों को लुभाने की शिकायतों के जवाब में लिया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सेलम में सभी सरकारी अस्पतालों में निजी एम्बुलेंस को रोक दिया गया।
  • डॉक्टरों को निजी अस्पतालों में रोगियों को भेजने से रोकने के निर्देश जारी किए गए।
  • अनुचित एम्बुलेंस संचालन पर कड़ी कार्रवाई और पुलिस की तैनाती की जाएगी।

तमिलनाडु राज्य के सेलम जिले ने अपने सरकारी अस्पतालों में निजी एम्बुलेंस के रोगी उठाने‑छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यह निर्णय जिला कलेक्टर के. एलाम्भावथ ने 13 जुलाई, 2026 को जारी किया, जिसमें सभी निजी एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में पार्क करने से रोकने का आदेश दिया गया।

पृष्ठभूमि और संभावित कारण

सेलम के मोहन कुमरमंगलम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMKMCH) में प्रतिदिन हजारों रोगियों का प्रवाह होता है, जिसमें पड़ोसी जिलों के आपातकालीन और सर्जिकल मरीज भी शामिल हैं। पिछले कुछ सालों में रिपोर्टों में उल्लेख किया गया कि कुछ निजी अस्पतालों ने एम्बुलेंस ड्राइवरों के माध्यम से मरीजों के रिश्तेदारों को प्रभावित कर निजी संस्थानों में उपचार करवाने के लिए राजी किया है। इस प्रकार की अनधिकृत ट्रांसफर न केवल रोगियों की सुरक्षा को खतरे में डालती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की भरोसेमंदिता को भी नुकसान पहुंचाती है।

नए निर्देश और उनका प्रभाव

नए आदेश के तहत निजी एम्बुलेंस को अपने स्वयं के अस्पताल परिसर या निकटवर्ती स्थानीय क्षेत्रों में ही पार्क करना अनिवार्य किया गया है। सरकारी अस्पतालों में रोगियों को उठाने‑छोड़ने की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी भी तीसरे पक्ष, एम्बुलेंस ड्राइवर या मध्यस्थ के माध्यम से रोगियों को निजी संस्थानों में नहीं भेजें। उल्लंघन करने वाले एम्बुलेंस पर ‘अमान्य’ की टैग लगाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा उपाय और पुलिस की भूमिका

GMKMCH के प्रवेश‑निकास को नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस को अतिरिक्त कर्मी तैनात किया जाएगा। यह कदम अनधिकृत एम्बुलेंस के प्रवेश को रोकने और मरीजों के सुरक्षित प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी अनधिकृत एम्बुलेंस या बिना योग्य पैरामेडिक स्टाफ वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि यह प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू हो जाता है, तो यह अन्य तमिलनाडु जिलों में समान उपायों की राह खोल सकता है। साथ ही, यह निजी अस्पतालों को रोगियों को लुभाने के लिए अवैध तरीकों का उपयोग करने से रोक सकता है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। इस कदम की सफलता पर निर्भर करेगा स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की समन्वित कार्रवाई पर।