27 वर्षीय राजिता साब्बिनेनी ने अपने पति को भेजा संदेश जिसमें वह बताती हैं कि उनका बना स्मूदी कड़वा और खांसी की दवा जैसा था। इस संदेश ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को हत्या के सबूतों की ओर ले जाया, जब ऑटोप्सी ने स्ट्रेंगलिंग से मृत्यु की पुष्टि की।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- राजिता ने अंतिम समय में 'कड़वी स्मूदी' का उल्लेख किया
- ऑटोप्सी ने स्ट्रेंगलिंग को मृत्यु का कारण बताया
- पति अविनाश नारने को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया
राजिता साब्बिनेनी, 27 वर्ष की एक भारतीय मूल की महिला, 27 अक्टूबर को वॉशिंगटन, बेलव्यू में अपने अपार्टमेंट में मृत पायी गईं। उनकी मृत्यु की शुरुआती रिपोर्ट अचानक और अस्पष्ट कारणों से हुई मान ली गई थी, लेकिन उनके पति, 30 वर्षीय अविनाश नारने, एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, पर हत्या का आरोप लगा।
घटना का विवरण
राजिता ने उसी दिन अपने पति को एक टेक्स्ट संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने जो स्मूदी पी है वह कड़वी है और "खांसी की दवा जैसी" लगती है। यह संदेश, जो कई घंटों पहले भेजा गया था, बाद में जांच का मुख्य सबूत बन गया। पुलिस ने बताया कि अविनाश ने 911 पर कॉल की, यह दावा करते हुए कि वह कुछ काम कर के घर लौटे और एक बंद बाथरूम में अपनी पत्नी को बेहोश पाया। आपातकालीन सेवाओं ने दरवाज़ा तोड़कर सीपीआर किया, परन्तु वह पहले ही मृत घोषित हो गईं।
जांच की दिशा
ऑटोप्सी रिपोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजिता की मृत्यु अस्फ़ीक्सिया, यानी स्ट्रेंगलिंग के कारण हुई थी, जिससे प्रारंभिक "अचानक मृत्यु" की कथा को खारिज कर दिया गया। इस तथ्य ने पुलिस को हत्या की दिशा में मोड़ दिया। जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि अविनाश ने भारत में एक अन्य महिला से कई बार संपर्क किया था, जिसमें वह मृत पत्नी की तस्वीर भेजने का भी आरोप लगा। इस महिला ने दूल्हे की शादी में शामिल होकर, विवाह के बाद भी अविनाश के साथ संपर्क बनाए रखा था।
संबंधित आरोप और सामाजिक प्रतिक्रिया
कोर्ट दस्तावेज़ों के अनुसार, अविनाश ने मृत पत्नी की तस्वीर उस भारतीय महिला को भी भेजी, और संदेशों को हटाने के बाद वह इसे स्वीकार भी करता है। इस घटना ने तेलंगाना और अमेरिकी भारतीय समुदाय में गहरी दहशत फैलाई। राजिता के अंतिम संस्कार में मदद करने वाले तेलुगु समुदाय के स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्हें हत्या के बारे में कोई संकेत नहीं मिला और वे इस आरोप से चकित हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
अविनाश नारने को अब हत्या के आरोप में जेल में रखा गया है, जबकि आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है, और यह संकेत देता है कि डिजिटल सबूत—जैसे टेक्स्ट संदेश—आधुनिक अपराध जांच में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।