अमेरिका गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गुरिंदरजीत सिंह नागरा के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। यह कदम 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद उठाया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अमेरिकी न्याय विभाग गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गुरिंदरजीत सिंह नागरा के प्रत्यर्पण की मांग करेगा।
- बिश्नोई पर कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
- यह कार्रवाई 'ऑपरेशन हार्डबॉल' का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 37 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।
- बिश्नोई के सहयोगी गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए एफबीआई (FBI) ने 50,000 डॉलर के इनाम की घोषणा की है।
अमेरिका का न्याय विभाग भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गुरिंदरजीत सिंह नागरा के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग करने जा रहा है। कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के जनसंपर्क अधिकारी सिएरान मैकएवॉय ने इस बात की पुष्टि की है। यह कदम वैश्विक स्तर पर सक्रिय भारतीय संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
लॉरेंस बिश्नोई पर कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का गंभीर आरोप है। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा, बिश्नोई के करीबी सहयोगी गोल्डी बराड़ पर भी इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली जानकारी देने वाले को 50,000 डॉलर के इनाम की घोषणा की है।
दूसरी ओर, गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ अमेरिका में 4,00,000 डॉलर की जबरन वसूली (extortion) का मामला दर्ज है। नागरा पर आरोप है कि उसने बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले संपन्न परिवारों को निशाना बनाया और उनसे मोटी रकम वसूली। इस गिरोह ने अमेरिका और कनाडा में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच भय का माहौल पैदा कर रखा था, जिसे लेकर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से जांच कर रही थीं।
इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अमेरिकी, कनाडाई और यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसे 'ऑपरेशन हार्डबॉल' (Operation Hardball) नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत कैलिफोर्निया सहित विभिन्न स्थानों से 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। यह साझा ऑपरेशन दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ पश्चिमी देश किस कदर एकजुट हो रहे हैं।
भू-राजनीतिक प्रभाव और कूटनीति
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भारतीय मूल के आपराधिक गिरोहों का नेटवर्क अब केवल स्थानीय या राष्ट्रीय न रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर पसार चुका है। अमेरिका द्वारा बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग भारत, कनाडा और अमेरिका के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को एक नया मोड़ दे सकती है। भारत पहले से ही बिश्नोई को अपनी हिरासत में रखे हुए है, ऐसे में अमेरिका की यह मांग अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण संधियों और कानूनी प्रक्रियाओं की एक बड़ी परीक्षा होगी।