कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबु कुमार ने भाजपा और जेडी(सेक्युलर) की ‘मास SIR’ की आरोपों को नकारते हुए कहा कि विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) प्रक्रिया पूरी तरह से ईसीआई के मानकों के अनुसार चल रही है। उन्होंने शिकायतों की जांच, फॉर्म वितरण और ब्ला की भूमिका पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया।
बेंगलुरु – कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) वी. अंबु कुमार ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और जेडी (सेक्युलर) द्वारा लगाए गए ‘मास SIR’ (स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन) के आरोपों को दृढ़ता से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मतदान सूची का विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) पूरी तरह से भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों और प्रचलित कानूनों के अनुरूप किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
SIR का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को सटीक और अद्यतित बनाना है, जिससे दोहराव, गलतियाँ और फर्जी प्रविष्टियों को समाप्त किया जा सके। राष्ट्रीय स्तर पर ईसीआई ने इस प्रक्रिया के लिए विस्तृत मानक निर्धारित किए हैं, जिसमें प्रत्येक बूथ स्तर अधिकारी (BLO) को घर‑घर जाकर प्रतिकृति फॉर्म वितरित करना अनिवार्य है। कर्नाटक में, सभी जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) को यह निर्देश दिया गया है कि वे BLO को प्रत्येक घर पर फॉर्म पहुँचाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करें।
आरोपों का खंडन और शिकायतों की जांच
भारती जनता और राजनीतिक दलों से प्राप्त शिकायतों को CEO कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। अंबु कुमार ने बताया कि अब तक 35 BLO को संभावित लापरवाही के कारण शो‑कॉज़ नोटिस जारी किए जा चुके हैं और उनके स्पष्टीकरण मांगे जा रहे हैं। साथ ही, सभी शिकायतों को जिला स्तर पर संबंधित चुनाव अधिकारियों (ERO, AERO) द्वारा जांचा गया और आवश्यक कार्रवाई ईसीआई को रिपोर्ट की गई।
‘मास SIR’ का खंडन
CEO ने स्पष्ट किया कि ‘मास SIR’ का अर्थ यह नहीं है कि फॉर्म एकत्रित करने के लिए बड़े समूहों को एक स्थान पर बुलाया जा रहा है। कुछ मामलों में मतदाता ने सामुदायिक स्थान से फॉर्म लिया हो सकता है, लेकिन यह ईसीआई के निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाता। जुलाई 1 से प्राप्त नई शिकायतों के बाद BLO को फिर से द्वार‑द्वार फॉर्म वितरण का सख्त आदेश दिया गया है।
फॉर्म वितरण की स्थिति
कुल 11 करोड़ से अधिक enumeration फॉर्म नौ दिनों में छपे और BLO को समय पर वितरित किए गए। फॉर्म की कमी, प्रिंटिंग त्रुटि या गलत मतदाता को डिलीवरी जैसी कोई बड़ी समस्या रिपोर्ट नहीं हुई, जो प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाती है। साथ ही, मान्य राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंट (BLA) को भी अधिकतम 50 फॉर्म प्रतिदिन एकत्र करने की अनुमति है, जिसे BLO द्वारा सत्यापित करना अनिवार्य है।
आगे का मार्गदर्शन
CEO ने कहा कि सभी संभावित अनियमितताओं को निरंतर मॉनिटर किया जाएगा और जहाँ आवश्यक होगा, तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि मतदाता सूची का सटीक होना भारतीय लोकतंत्र की नींव है, और कर्नाटक सरकार इस प्रक्रिया को ईसीआई के कड़े मानकों के तहत निष्पादित करने के लिए प्रतिबद्ध है।