करूर में हुए भीड़भाड़ में कई लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री विजय ने शहीदों को सम्मानित करने के लिये स्मारक बनाने का वादा किया। उन्होंने बताया कि अगर पुलिस ने भीड़ की जानकारी दी होती तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- CM विजय ने शहीदों के लिए स्मारक बनाने की घोषणा की।
- पुलिस की सूचना न मिलने से भीड़भाड़ की त्रासदी हुई।
- विपक्षी पार्टियों के साथ राजनीतिक टकराव जारी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने करूर के बाहरी इलाके में आयोजित सार्वजनिक सभा में कहा कि वह अपने पार्टी तमिलगा वेत्री कज़हागम के तहत शहीदों के लिए एक स्थायी स्मारक बनवाएंगे। यह घोषणा 10 जुलाई, 2026 को हुई, जब उन्होंने बताया कि 27 सितंबर 2025 को हुए चुनावी रैली के दौरान पुलिस ने भीड़ की स्थिति की सूचना नहीं दी, जिससे स्टैंपेड की त्रासदी घटित हुई।
पृष्ठभूमि और घटना का विवरण
सितंबर 2025 में करूर के वेलुसाम्यपुरम में आयोजित रैली में हजारों समर्थकों ने एकत्रित होकर एक भीड़भाड़ पैदा कर दी। अचानक हुई धक्का-मुक्की में कई लोग, जिनमें बच्चे और महिलाएँ शामिल थीं, गिरे और कई की मौत हो गई। पुलिस ने सुरक्षा कर्मियों की कमी और भीड़ नियंत्रण में लापरवाही बरती, जिससे यह दुखद घटना घटी।
मुख्यमंत्री का बयान और पुलिस पर आरोप
विजय ने कहा, “यदि पुलिस ने मुझे भीड़ की वास्तविक संख्या बताई होती, तो मैं रैली रद्द कर देता।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले अडियालुर में एक समान स्थिति में पुलिस ने समय पर चेतावनी दी थी, जिससे वह रैली को स्थगित कर सके थे। इस बार, करूर पुलिस ने उन्हें हाईवे से लेकर स्थल तक बिना उचित सुरक्षा उपायों के escorted किया, जिससे उनका विश्वास टूट गया।
राजनीतिक प्रतिप्रभाव
विजय ने विपक्षी दलों की आलोचना भी की, जिन्हें उन्होंने ‘सोफा मॉडल’ और ‘वॉशिंग मशीन मॉडल’ कहा। उन्होंने दावा किया कि पूर्वी सरकार ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया और अब उनका शासन पारदर्शिता और भ्रष्टाचार‑मुक्त शासन पर आधारित है। यह बयान तमिलनाडु विधानसभा में आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
आगे का रास्ता
स्मारक निर्माण के अलावा, मुख्यमंत्री ने पुलिस सुधार और सार्वजनिक सभा सुरक्षा के लिए नई नीतियों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिये भीड़ नियंत्रण में आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। यह कदम जनता के भरोसे को पुनः स्थापित करने के लिये आवश्यक माना जा रहा है।