कर्नाटक सरकार ने 33,000 से अधिक मंदिरों में हुंडी संग्रह को सुरक्षित बनाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की। इस दिशा‑निर्देश में डिजिटल भुगतान, QR कोड और निगरानी कैमरों के उपयोग से पारदर्शिता और चोरी को रोकने पर ज़ोर दिया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कर्नाटक ने मंदिरों में हुंडी प्रबंधन के लिए SOP जारी किया
  • डिजिटल भुगतान, QR कोड और CCTV निगरानी को अनिवार्य किया गया
  • हिंदु की गिनती की आवृत्ति को दान के आकार के अनुसार निर्धारित किया गया

कर्नाटक सरकार ने अपने 33,000 से अधिक मंदिरों में हुंडी (दान बॉक्स) के प्रबंधन को व्यवस्थित करने हेतु एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर आयोध्या के श्री राम मंदिर में हुंडी दान के दुरुपयोग के आरोपों के बाद उठाया गया, जिससे सार्वजनिक विश्वास को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता महसूस हुई।

डिजिटल भुगतान का एकीकरण

नए SOP के तहत सरकारी, बैंक और गृह रक्षक कर्मचारियों की भागीदारी अनिवार्य की गई है, जबकि आम जनता को गिनती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। उन्नत डिजिटल भुगतान साधनों जैसे यू.पी.आई. (UPI) को अपनाकर दान को तुरंत बैंक में जमा किया जाएगा, जिससे नकद चोरी और दान बैग के लूट को रोका जा सकेगा। प्रत्येक मंदिर को QR कोड प्रदान किया जाएगा, जिससे श्रद्धार्तियों को मोबाइल के माध्यम से तुरंत दान करने की सुविधा मिलेगी।

सुरक्षा और निगरानी उपाय

सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए हुंडी को चारों ओर से कवर करने वाले CCTV कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिनकी लाइव फ़ीड केंद्रिय सर्वर से जुड़े मुज़राई विभाग के मुख्य कार्यालय में देखी जाएगी। डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय, स्थानीय पुलिस स्टेशन और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के डैशबोर्ड में भी यह फ़ीड उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसी भी अनियमितता की तुरंत पहचान संभव हो सके।

हिंदु गिनती की नई व्यवस्था

SOP ने मंदिर प्रबंधन को अग्रिम में गिनती के दिन तय करने का निर्देश दिया है। बड़े दान वाले मंदिरों में सप्ताह में एक बार, और मध्यम दान वाले मंदिरों में दो सप्ताह में एक बार गिनती की जाएगी। इस प्रक्रिया में तहसीलदार की उपस्थिति अनिवार्य होगी, और सभी जिम्मेदार कर्मचारियों को अपने हाथ में मौजूद नकदी की घोषणा कर फेसियल रिकॉग्निशन के माध्यम से पहचान कराई जाएगी। गिनती, संग्रह और बैंक ट्रांसफ़र की पूरी प्रक्रिया को वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाएगा।

भूतपूर्व दुरुपयोग और सुधार के संकेत

पिछले वर्षों में कई मंदिरों में CCTV कैमरों की चोरी, क्षति या निष्क्रियता की घटनाएँ सामने आई हैं। कुछ मामलों में काफ़ोर की धुएँ से कैमरा लेंस को धुंधला करने की कोशिश की गई, और QR कोड के साथ छेड़छाड़ कर वास्तविक को नुकसान पहुँचाया गया। नई SOP इन सभी खामियों को दूर करने के लिए कड़े प्रावधान शामिल करती है, जिससे दान की पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास को पुनर्स्थापित किया जा सके।