रेल मंत्रालय के आश्विनी वैष्णव ने बताया कि केरल सरकार ने थिरुवनंतपुरम‑कसरागोड सिल्वरलाइन को रद्द कर दिया है। इसके बजाय 873 किमी की नई रेल परियोजनाओं से उत्तर‑दक्षिण कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना है।

मुख्य बिंदु

  • केरल ने सिल्वरलाइन को रद्द किया
  • 873 किमी नई रेल लाइनें योजना में
  • उत्तर‑दक्षिण कनेक्टिविटी में सुधार

रेल मंत्रालय के मंत्री आश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि केरल सरकार ने थिरुवनंतपुरम से कसरागोड तक प्रस्तावित सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा प्राप्त डॉ. ई. श्रीधरन की मध्यवर्ती रिपोर्ट की विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद आया।

समिति ने बताया कि वर्तमान स्वरूप में प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके बदले, 873 किमी के रेल नेटवर्क को विकसित करने के लिए सर्वेक्षण और डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर‑दक्षिण दिशा में ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ेगी और यात्रा समय घटेगा।

वर्तमान में केरल में 267 किमी की नई रेल लाइनों और डबलिंग कार्यों को लागू किया जा रहा है, कुल अनुमानित लागत 11,271 करोड़ रुपये है। मुख्य परियोजनाओं में ट्रिवांड्रम‑कन्याकुमारी डबलिंग (87 किमी) और अंगलम‑सबरिमाला नई लाइन (111 किमी) शामिल हैं, जो कुल लागत का 73% हिस्सा बनाते हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift from a single high‑speed corridor to a broader network of upgrades spreads economic benefits across a larger population, reducing regional disparities and attracting private investment in peripheral districts.

"केरल की नई रेल रणनीति अधिक समावेशी है और दीर्घकालिक विकास के लिए बुनियादी ढांचा को सुदृढ़ करती है," कहा रेलवे विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट 2019 में भारतीय रेलवे की तेज गति वाली कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लक्ष्य से प्रस्तावित किया गया था। लेकिन वित्तीय बाधाएँ, पर्यावरणीय चिंताएँ और राज्य की प्राथमिकताओं में बदलाव ने इसे अस्थिर कर दिया। अब केरल सरकार व्यापक नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

परियोजनालंबाई (किमी)अनुमानित लागत (करोड़ रुपये)
सिल्वरलाइन (रद्द)≈ 311≈ 5,000
नयी नेटवर्क87311,271
क्या आप जानते हैं?: केरल की रेलवे डबलिंग कार्यों में 69 किमी की एरनाकुलम‑अलप्पुज्‍हा‑अंबालापुज्‍हा सेक्शन को पाँच चरणों में पूरा किया जाएगा।

Frequently Asked Questions

सवाल: सिल्वरलाइन रद्द करने का मुख्य कारण क्या था?
जवाब: विशेषज्ञ समिति ने रिपोर्ट में तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों को उजागर किया, जिससे वर्तमान स्वरूप में परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

सवाल: नई 873 किमी नेटवर्क कब पूरी होगी?
जवाब: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद विभिन्न मंजूरी प्रक्रियाओं के बाद अनुमानित 2029‑2030 में पूर्णता की उम्मीद है।