उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस कृत्य को महापाप बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे माता-पिता की हत्या और गौहत्या जैसे महापाप के समान बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पवित्र स्थल की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत प्रशासनिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में एक धार्मिक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि मामले की जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
CCTV फुटेज से हुआ खुलासा, प्राथमिकी दर्ज
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 3 जुलाई को स्थानीय संगठन 'भैरव सेना' ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की नकदी चोरी होने का आरोप लगाया। इसके बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) हरकत में आई। प्राथमिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और जांच को तेज कर दिया है।
मंदिर प्रबंधन में सुधार की तैयारी
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी संकेत दिया है कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद मंदिर प्रबंधन की संपूर्ण व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो मंदिर प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान की रीढ़ है, और इसकी शुचिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।