गिलहरियों की आयु प्रजाति और पर्यावरणीय दबावों पर निर्भर करती है। जंगली गिलहरियां शिकार और जोखिमों के कारण केवल कुछ साल जिएँगी, जबकि पिंजरे में रखी गई गिलहरियां बीस साल तक जीवित रह सकती हैं। सुरक्षित आवास और पोषण से उनकी जीवित रहने की संभावना बढ़ती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • पहला वर्ष गिलहरी की उम्र तय करता है
  • जंगली गिलहरियां औसतन 5‑6 साल जीवित रहती हैं
  • कैद में रखी गिलहरियां 20 साल तक जी सकती हैं

गिलहरी (Sciuridae) का जीवनकाल वैज्ञानिकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच अक्सर चर्चा का विषय रहा है। यह छोटा लेकिन अत्यधिक अनुकूलनशील स्तनधारी विभिन्न प्रजातियों में विभाजित है, जिनमें पूर्वी ग्रे गिलहरी (Sciurus carolinensis) सबसे आम है। हालांकि, उनकी आयु केवल आनुवंशिकी पर नहीं, बल्कि प्रथम वर्ष की जीवित रहने की संभावना पर निर्भर करती है।

प्राकृतिक पर्यावरण में जीवित रहने की चुनौतियां

जंगली गिलहरियों को शिकारियों—जैसे शेर, बाज, और बड़े सरीसृप—के साथ-साथ रोग, अत्यधिक मौसम और खाद्य कमी जैसी जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन कारकों के कारण अधिकांश जंगली गिलहरियां केवल तीन से पांच साल तक ही जीवित रह पाती हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि शुरुआती 12 महीने में मृत्यु दर सबसे अधिक होती है, क्योंकि युवा गिलहरियां अपने घोंसले से बाहर निकलते ही शत्रुओं के शिकार बन जाती हैं।

पशु संरक्षण और कैद में बढ़ी आयु

जब गिलहरियों को पिंजरे या अभयारण्यों में रखा जाता है, तो उनका जीवनकाल उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर आहार, रोग नियंत्रण, और शिकारियों से सुरक्षा के कारण कई गिलहरियां दोहरे अंकों तक जीवित रह पाती हैं, कुछ मामलों में बीस साल तक भी। यह अंतर दर्शाता है कि मानव हस्तक्षेप—यदि वह सकारात्मक हो—कितना प्रभावी हो सकता है।

पर्यावरणीय नीतियों का महत्व

गिलहरी जैसी छोटी प्रजातियों की आयु को बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हरित क्षेत्रों का संरक्षण आवश्यक है। शहरी बगीचे, पेड़-लगाना पहल और सुरक्षित खाद्य स्रोत न केवल गिलहरियों की जीवित रहने की दर बढ़ाते हैं, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र में बीज प्रसार जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं भी निभाते हैं। नीति निर्माताओं को इस छोटे स्तनधारी को संरक्षित करने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनानी चाहिए।

भविष्य की दिशा

अधिक अनुसंधान यह स्पष्ट करेगा कि किस प्रकार के आवासीय सुधार और पोषण कार्यक्रम गिलहरी की औसत आयु को दो गुना या उससे अधिक बढ़ा सकते हैं। साथ ही, जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों को समझना भी आवश्यक है, क्योंकि यह खाद्य उपलब्धता और शिकारियों के व्यवहार को सीधे प्रभावित करता है।