FAA ने स्पेसएक्स को स्टारशिप प्रोटोटाइप फिर से उड़ाने की अनुमति दी, क्योंकि कंपनी ने मई में बूस्टर विफलता के मूल कारण का पता लगा लिया है। यह सार्वजनिक कंपनी के रूप में पहली परीक्षण उड़ान होगी, जो निवेशकों और अंतरिक्ष प्रेमियों की धैर्य की कसौटी पर खड़ी होगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • FAA ने स्टारशिप परीक्षण के लिए अनुमति दी
  • बूस्टर विफलता के कारण में हीट इफ़ेक्ट और इंजन अलार्म सेटिंग्स शामिल हैं
  • स्पेसएक्स ने इंजन स्टार्ट‑अप क्रम और हार्डवेयर में सुधार किया

संयुक्त राज्य फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने आधिकारिक तौर पर स्पेसएक्स को अपने स्टारशिप प्रोटोटाइप को फिर से लॉन्च करने की स्वीकृति दी है। यह मंजूरी तब आई जब कंपनी ने मई में हुए बूस्टर विफलता के संभावित कारणों को स्पष्ट कर दिया, जिसमें ऊँचाई पर प्रोपल्शन सिस्टम के घटकों पर अत्यधिक गर्मी और इंजन अलार्म सेटिंग्स की त्रुटि प्रमुख रही।

पिछली उड़ान और बूस्टर विफलता की जाँच

22 मई को लॉन्च किए गए V3 स्टारशिप ने 407‑फुट ऊँचा रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा, फिर ऊपरी चरण ने 20 सैटेलाइट सिम्युलेटर और दो संशोधित स्टारलिंक उपग्रहों को स्थापित किया। हालांकि, सुपर हेवी बूस्टर को मेक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग का सिमुलेशन करना था, परंतु इंजन पुनः प्रज्वलित न हो पाने के कारण वह जल में गिर गया। कंपनी ने बताया कि बूस्टर का 90 डिग्री गलत दिशा में घूमना “इंजन स्टार्ट‑अप में छोटे अंतर” के कारण हुआ, और इस समस्या को दूर करने के लिए स्टार्ट‑अप अनुक्रम को संशोधित किया गया है।

FAA की रिपोर्ट और स्पेसएक्स की प्रतिक्रिया

FAA ने बताया कि बूस्टर विफलता के दो मुख्य कारण “ऊँचाई पर प्रणोदन प्रणाली पर गर्मी के प्रभाव” और “गलत इंजन अलार्म सेटिंग्स” हैं। इन निष्कर्षों के आधार पर स्पेसएक्स ने इंजन अलार्म और एबॉर्ट सिस्टम में परिवर्तन किए हैं, जिससे भविष्य में समान विफलता की संभावना घटेगी। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने कई हार्डवेयर और ऑपरेशनल सुधार किए हैं, जिसमें रैप्टर इंजनों की विश्वसनीयता और पुनः प्रज्वलन क्षमता शामिल है।

आगामी लॉन्च: V3 स्टारलिंक उपग्रह

नए परीक्षण में, स्टारशिप पहला तृतीय‑पीढ़ी का स्टारलिंक उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा। इस बार 20 नवीन उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे, जो उच्च‑क्षमता वाले लेज़र के माध्यम से बड़े स्टारलिंक नेटवर्क से जुड़ेंगे और लगभग 20 मिनट बाद वायुमंडल में जलते हुए समाप्त हो जाएंगे। इन उपग्रहों में से छह में कैमरे लगे होंगे, जो स्टारशिप के बाहरी हिस्से की तस्वीरें ले सकेंगे। यह कदम स्पेसएक्स के डेटा‑सेंटर‑ऑन‑ऑर्बिट और अंतरग्रहीय यात्रा के दीर्घकालिक लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाजार और निवेशकों पर प्रभाव

स्पेसएक्स ने 12 जून को Nasdaq पर IPO किया, जिससे वह विश्व की शीर्ष दस सबसे मूल्यवान कंपनियों में शुमार हो गया और लगभग $86 बिलियन की धनराशि जुटाई। सार्वजनिक कंपनी के रूप में पहली बार स्टारशिप परीक्षण का सफल होना “उड़ो, विफल हो, सुधारो” की रणनीति की बाजार में स्वीकृति को मापेगा। निवेशकों के लिए यह एक निर्णायक मोड़ हो सकता है, जहाँ सफल पुनः उपयोग योग्य रॉकेट प्रणाली कंपनी को अंतरिक्ष‑आधारित डेटा‑सेंटर और मंगल पर मानव मिशन जैसी महंगी योजनाओं को वास्तविकता में बदलने की राह दिखाएगा।