श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाकर कई नकारात्मक रिकॉर्ड बना लिए हैं। सात साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची टीम इंडिया के लिए यह एक बड़ा झटका है।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड का दौरा किसी दुस्वप्न से कम नहीं रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 सीरीज में इंग्लैंड के हाथों करारी शिकस्त झेलते हुए कई ऐसे 'अनचाहे रिकॉर्ड' बना लिए हैं, जो टीम के गिरते स्तर को दर्शाते हैं। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर खेले गए चौथे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को बुरी तरह रौंद दिया।
लगातार दो सीरीज हारने वाला दूसरा कप्तान
सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तानी संभालने वाले श्रेयस अय्यर अब भारत के दूसरे ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने लगातार दो टी20 सीरीज गंवाई हैं। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 की ऐतिहासिक हार के बाद इंग्लैंड में यह सिलसिला जारी रहा। अय्यर से पहले विराट कोहली भी 2019 में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार सीरीज हार चुके थे।
सात साल का सबसे बुरा दौर
यह पहली बार है कि पिछले सात वर्षों में भारत ने लगातार दो टी20 सीरीज में हार का सामना किया है। आखिरी बार ऐसा 2019 में हुआ था जब टीम ने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज गंवाई थी। इसके अलावा, इंग्लैंड ने भारत को मात्र 13.5 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया, जो भारत के लिए 'बॉल्स टू स्पेयर' (बचे हुए ओवरों) के मामले में तीसरी सबसे बड़ी हार है।
इंग्लैंड के खिलाफ दबदबा खत्म
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 प्रारूप में यह भारत की 12 वर्षों में पहली हार है। इससे पहले 2014 में भारत ने इंग्लैंड में एक टी20 मैच हारा था। केवल टी20 ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर सभी प्रारूपों में भारत की यह पहली द्विपक्षीय सीरीज हार है, जो 2018 के बाद हुई है।
बल्लेबाजी का पतन और रणनीतिक विफलता
भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह चरमरा गया है। नॉटिंघम में 125 रनों से हारने के बाद, ब्रिस्टल में भी टीम केवल 158 रन ही बना सकी। वहीं, इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ने मात्र 35 गेंदों में 79 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। यह हार टीम के आत्मविश्वास और आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए एक चेतावनी है।