फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के हाथों नॉर्वे की 2-1 से हार के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के पिता अल्फ-इंगे हालैंड ने रेफरी के फैसलों पर तीखा तंज कसा है, जिसके बाद फीफा को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर बाहर किया।
- एर्लिंग हालैंड के पिता और पूर्व फुटबॉलर अल्फ-इंगे हालैंड ने सोशल मीडिया पर रेफरी के फैसलों की तीखी आलोचना की।
- फीफा ने ओवरहेड कैमरा केबल विवाद और रद्द किए गए गोल पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर रेफरी के निर्णयों को सही ठहराया।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे की हार के बाद फुटबॉल जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मियामी में खेले गए बेहद रोमांचक और तनावपूर्ण मुकाबले में इंग्लैंड ने नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। इस हार के बाद नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के पिता और पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर अल्फ-इंगे हालैंड ने मैच के रेफरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर अल्फ-इंगे हालैंड का तीखा तंज
मैच समाप्त होने के तुरंत बाद, प्रसिद्ध फुटबॉल पत्रकार फैब्रिजियो रोमानो ने इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे जूड बेलिंगहैम की प्रशंसा में एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्फ-इंगे हालैंड ने रेफरी के फैसलों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, 'बेलिंगहैम और रेफरी को शाबाशी।' उनके इस बयान ने मैच के दौरान लिए गए रेफरी के विवादास्पद निर्णयों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया।
दो बड़े फैसलों पर भड़का नॉर्वे
नॉर्वे की टीम और समर्थक मैच के दौरान दो प्रमुख निर्णयों से बेहद असंतुष्ट दिखे। पहला विवाद इंग्लैंड के बराबरी वाले गोल से ठीक पहले हुआ, जब एक गोल-किक हवा में लगे ओवरहेड कैमरा केबल को छूती हुई प्रतीत हुई और गेंद इंग्लैंड के कब्जे में चली गई। नॉर्वे के खिलाड़ियों का तर्क था कि नियमतः खेल को तुरंत रोका जाना चाहिए था। दूसरा बड़ा झटका 55वें मिनट में लगा जब टोरब्योर्न हेगेम के गोल को वीएआर (VAR) समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों का मानना था कि कॉर्नर से पहले एर्लिंग हालैंड ने इलियट एंडरसन के खिलाफ फाउल किया था।
फीफा ने जारी की आधिकारिक सफाई
विवाद बढ़ता देख विश्व फुटबॉल की शासी निकाय फीफा (FIFA) को इस मामले पर तुरंत स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। फीफा ने स्पष्ट किया कि मैच में उपयोग की जा रही कनेक्टेड बॉल तकनीक के सेंसर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि गेंद ने ओवरहेड केबल को छुआ था या उसकी दिशा बदली थी। इस तकनीकी साक्ष्य के आधार पर मैदान पर मौजूद रेफरी के फैसले को पूरी तरह सही माना गया।
मैच का रोमांच और हालैंड का टूटा रिकॉर्ड
मुकाबले की बात करें तो नॉर्वे ने 36वें मिनट में एंड्रियास शेल्डरुप के शानदार गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, पहले हाफ के इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने इंग्लैंड के लिए बराबरी का गोल दागा। निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 रहने के बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया, जहां बेलिंगहैम ने ही निर्णायक गोल दागकर इंग्लैंड को 2-1 से जीत दिलाई। इस हार के साथ ही नॉर्वे का ऐतिहासिक वर्ल्ड कप अभियान समाप्त हो गया और एर्लिंग हालैंड का लगातार 14 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल करने का शानदार सिलसिला भी थम गया।