मेटा एक ऐसे 'सुपर सेंसिंग' स्मार्ट ग्लास पर काम कर रहा है जो लगातार ऑडियो और फोटो रिकॉर्ड कर सकेगा, जिससे एआई के साथ बातचीत करना और भी सहज हो जाएगा।

टेक दिग्गज Meta एक क्रांतिकारी एआई-संचालित पहनने योग्य उपकरण (wearable) विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ऐसे प्रोटोटाइप 'सुपर सेंसिंग' स्मार्ट ग्लास पर काम कर रहा है जो हमेशा सक्रिय (always-on) रहेंगे। ये चश्मे न केवल उपयोगकर्ता की गतिविधियों को ट्रैक करेंगे, बल्कि हर कुछ सेकंड में फोटो खींचने और ऑडियो रिकॉर्ड करने की क्षमता भी रखेंगे।

एआई के साथ एक नया अनुभव

इस तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू Meta AI के साथ इसका एकीकरण है। चश्मा पहनने वाला व्यक्ति अपने द्वारा देखी गई चीजों या सुनी गई बातों के बारे में एआई से सीधे सवाल पूछ सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी ऐतिहासिक स्मारक को देख रहे हैं, तो आप बस पूछ सकते हैं, 'यह इमारत कितनी पुरानी है?' और एआई तुरंत उत्तर दे देगा। यह अनुभव मानव स्मृति और डिजिटल सूचना के बीच की दूरी को समाप्त कर सकता है।

डेटा गोपनीयता और सुरक्षा की चुनौतियां

हालांकि यह तकनीक सुनने में जादुई लगती है, लेकिन इसने गोपनीयता (privacy) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मेटा इस डेटा को सीधे उपयोगकर्ता को देने या अपने सर्वर पर स्थायी रूप से स्टोर करने के बजाय, केवल 'मेटाडेटा' का उपयोग करने पर विचार कर रहा है। इसका मतलब है कि रॉ फुटेज को स्टोर करने के बजाय, एआई केवल महत्वपूर्ण जानकारी का विश्लेषण करेगा। फिर भी, 'हमेशा चालू' रहने वाले कैमरे और माइक्रोफोन सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की निजता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं।

भविष्य की राह

मेटा का यह कदम उसे एप्पल और गूगल जैसी कंपनियों के मुकाबले पहनने योग्य एआई (Wearable AI) की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर सकता है। यदि मेटा गोपनीयता संबंधी चिंताओं को प्रभावी ढंग से हल कर लेता है, तो ये स्मार्ट ग्लास स्मार्टफोन के युग के बाद अगली बड़ी तकनीकी क्रांति साबित हो सकते हैं।