मेटा ने स्वीकार किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महत्वपूर्ण वीडियो तकनीकी खराबी के कारण गलती से हटा दिया गया था। कंपनी ने अब इस पोस्ट को बहाल कर दिया है और घटना के लिए खेद जताया है।

मुख्य बातें

  • मेटा ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने को 'तकनीकी खराबी' (Technical Glitch) बताया।
  • प्रधानमंत्री का वीडियो छात्रों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के मुद्दे पर था।
  • मेटा ने गलती स्वीकार करते हुए वीडियो को वापस प्लेटफॉर्म पर बहाल कर दिया है।
  • सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की विशाल पहुंच के कारण इस घटना पर काफी विवाद हुआ था।

सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो गलती से हटाने के मामले में आधिकारिक सफाई दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई जानबूझकर किया गया सेंसरशिप का मामला नहीं था, बल्कि एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) का परिणाम था।

घटनाक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो पिछले गुरुवार को फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। इस वीडियो में पीएम मोदी देश के छात्रों को संबोधित कर रहे थे और परीक्षा में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रहे थे। अचानक यह वीडियो प्लेटफॉर्म से गायब हो गया, जिससे राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा हो गया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक सामग्री के प्रबंधन को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है। प्रधानमंत्री मोदी जैसे वैश्विक नेता, जिनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं, उनके कंटेंट का अचानक हटना न केवल तकनीकी विफलता को दर्शाता है, बल्कि यह प्लेटफॉर्म की एल्गोरिदम सटीकता पर भी सवाल उठाता है।

"तकनीकी त्रुटियां अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रतिष्ठा का संकट बन जाती हैं, विशेषकर जब वे वैश्विक नेताओं से जुड़ी हों।"

मेटा के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि कंटेंट को गलती से ब्लॉक कर दिया गया था और अब उसे पूरी तरह से बहाल (Restore) कर दिया गया है। इस घटना के बाद कई नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद मेटा को यह कदम उठाना पड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी की सोशल मीडिया पहुंच

भारत में मेटा के प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव अत्यधिक है। प्रधानमंत्री मोदी के सोशल मीडिया आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

प्लेटफॉर्मअनुमानित फॉलोअर्स
इंस्टाग्राम105 मिलियन+
फेसबुक61 मिलियन
वॉट्सऐप चैनल15 मिलियन
क्या आप जानते हैं?: मेटा का नाम 2021 में फेसबुक इंक से बदलकर मेटा किया गया था, जिसका उद्देश्य भविष्य के 'मेटावर्स' पर ध्यान केंद्रित करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या मेटा ने जानबूझकर पीएम मोदी का वीडियो हटाया था?
नहीं, मेटा ने इसे एक तकनीकी खराबी (Technical Glitch) बताया है।

2. हटाया गया वीडियो किस बारे में था?
वीडियो में प्रधानमंत्री छात्रों को पेपर लीक के मुद्दों पर सरकार का आश्वासन दे रहे थे।