मेटा (Meta) अपनी एआई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सितंबर से अपने इन-हाउस 'Iris' चिप का उत्पादन शुरू करने जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक अपनी कंप्यूटिंग क्षमता को 14 गीगावाट तक पहुँचाना है।

सोशल मीडिया दिग्गज Meta Platforms ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाया है। एक आंतरिक मेमो के अनुसार, मेटा सितंबर से अपने स्वयं के कस्टम एआई चिप का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रहा है। इस चिप को कोडनेम 'Iris' दिया गया है, जो मेटा के 'Meta Training and Inference Accelerators' (MTIA) प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इन-हाउस सिलिकॉन: एनवीडिया पर निर्भरता कम करने की कोशिश

मेटा का यह कदम तकनीकी जगत में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह कंपनी को Nvidia और AMD जैसे चिप दिग्गजों पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद करेगा। मेटा इस चिप को डिजाइन करने के लिए Broadcom के साथ और इसके निर्माण के लिए दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माता TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Co) के साथ मिलकर काम कर रहा है। खुद के चिप होने से मेटा न केवल अपनी कंप्यूटिंग लागत को कम कर पाएगा, बल्कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए एआई सेवाओं को अधिक कुशल बना सकेगा।

कंप्यूटिंग क्षमता में भारी विस्तार

मेटा का लक्ष्य केवल चिप बनाना ही नहीं, बल्कि अपने डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे का भी अभूतपूर्व विस्तार करना है। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक अपनी कंप्यूटिंग क्षमता को 14 गीगावाट तक ले जाना है। इस विशाल लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेटा इस साल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग $145 बिलियन खर्च करने की योजना बना रहा है। मेमो के अनुसार, कंपनी 2027 तक हर छह महीने में एक नया एआई प्रोसेसर लॉन्च करने की तैयारी में है, जो उद्योग के सामान्य मानकों (एक वर्ष का अंतराल) से कहीं अधिक तेज है।

आपूर्ति श्रृंखला और 'चिपफ्लेशन' का जोखिम

एआई की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप्स और स्टोरेज की कमी एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है, जिसे विश्लेषक 'Chipflation' कह रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए मेटा ने Samsung Electronics (मेमोरी चिप्स के लिए), Sandisk (फ्लैश स्टोरेज के लिए) और Sumitomo Electric (फाइबर-ऑप्टिक उपकरणों के लिए) के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते किए हैं। यह रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करेगी कि एआई मॉडल्स की बढ़ती भूख के बीच मेटा के डेटा सेंटर्स को निरंतर ऊर्जा और हार्डवेयर मिलता रहे।