एक समूह कर्मचारियों ने कैलिफ़ोर्निया के फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि Meta ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी में मानव निर्णय की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया। कंपनी ने इस आरोप को खारिज कर कहा कि उसने किसी भी विकलांग या चिकित्सीय कारण वाले कर्मचारी को एआई के माध्यम से हटाया नहीं है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- Meta ने आंतरिक एआई सिस्टम के माध्यम से छंटनी की सूची बनायी।
- कर्मचारी दावा करते हैं कि प्रक्रिया में विकलांग और चिकित्सा कारण वाले लोग असमान रूप से प्रभावित हुए।
- कंपनी ने इन आरोपों को अस्वीकार कर एआई के उपयोग को कार्यस्थल सुरक्षा के रूप में बताया।
कैलिफ़ोर्निया के उत्तरी जिले के यू.एस. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 26 "Doe" प्लेनटिफ़्स ने एक संयुक्त मुकदमा दायर किया, जिसमें कहा गया है कि Meta ने अपने कर्मचारियों में से 8,000 को हटाने के लिए एआई‑आधारित उपकरणों का उपयोग किया। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से वे लोग शामिल थे जिनके पास विकलांगता थी या जिन्होंने संरक्षित चिकित्सा/परिवारिक अवकाश लिया था।
एआई‑आधारित छंटनी की प्रक्रिया
विवाद के अनुसार, Meta ने एक जटिल एआई इकोसिस्टम लागू किया, जिसमें "Metamate" नामक आंतरिक प्रणाली, कर्मचारी‑प्रशिक्षित "second‑brain" एजेंट, कीस्ट्रोक‑और गतिविधि‑निगरानी डेटा, एआई‑टोकन उपयोग डैशबोर्ड और एल्गोरिद्मिक प्रदर्शन रैंकिंग शामिल थे। ये सभी घटक मिलकर कर्मचारियों को अंकित, रैंक और छंटनी सूची में शामिल करने के लिए उपयोग किए गए।
विकलांगता और अवकाश के आधार पर भेदभाव के आरोप
क्लेम में बताया गया है कि कर्मचारियों को उनके एआई टूल्स के उपयोग के स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया, जैसे "AI Native", "AI First" और "AI Enabled"। इस वर्गीकरण ने अनजाने में उन कर्मचारियों को हाशिये पर रखा, जिन्होंने एआई टूल्स का कम उपयोग किया, संभवतः उनकी स्वास्थ्य या व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण। यह वर्गीकरण अमेरिकी विकलांगता अधिनियम (ADA) और फेयर लेबर स्टैंडर्ड्स एक्ट (FLSA) के तहत संभावित उल्लंघन का संकेत देता है।
Meta की प्रतिक्रिया और उद्योग पर प्रभाव
Meta ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया, यह बताते हुए कि कंपनी ने किसी भी कर्मचारी को उनकी शारीरिक या चिकित्सीय स्थितियों के आधार पर नहीं हटाया। कंपनी ने कहा कि एआई सिस्टम केवल कार्यक्षमता और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर डेटा‑ड्रिवेन निर्णय लेने में मदद करते हैं, न कि व्यक्तिगत भेदभाव में। यदि अदालत इस मुकदमे में पक्षधर पाती है, तो यह टेक उद्योग में एआई‑सहायता वाली छंटनी की पारदर्शिता और नैतिकता पर बड़ा सवाल उठाएगा।
भविष्य की संभावनाएँ
यह मुकदमा न केवल Meta के एआई उपयोग को चुनौती देता है, बल्कि व्यापक रूप से यह सवाल उठाता है कि बड़ी टेक कंपनियों को एआई‑आधारित निर्णयों में मानव निरीक्षण की कितनी आवश्यकता है। नियामक निकाय और श्रमिक अधिकार समूह इस मामले को बारीकी से देख रहे हैं, जिससे संभावित नियामक दिशा-निर्देश और कंपनी‑स्तरीय एआई गवर्नेंस नीतियों में बदलाव का मार्ग खुल सकता है।