X के प्रोडक्ट प्रमुख निकिता बीयर ने बताया कि एल्गोरिदम में डेटा की कमी के कारण उपयोगकर्ताओं की आपसी पोस्ट्स कम दिखाई देती थीं। अब एक नई ट्यूनिंग से ‘म्यूचुअल्स’ को पोस्ट की दृश्यता बढ़ेगी, जिससे प्लेटफ़ॉर्म पर बहस‑बातों के बजाय समुदाय की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • एल्गोरिदम में डेटा गड़बड़ी ने आपसी पोस्ट्स को दबा दिया था।
  • नई ट्यूनिंग से म्यूचुअल फ़ॉलोअर्स को पोस्ट दिखने की संभावना बढ़ेगी।
  • यह बदलाव X की सामुदायिक भावना को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक कदम है।

सोमवार को X (पूर्व में ट्विटर) के प्रोडक्ट प्रमुख निकिता बीयर ने कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग में स्वीकार किया कि प्लेटफ़ॉर्म का एल्गोरिदम “डेटा मिसिंग” की समस्या से जूझ रहा था, जिससे फॉलो‑बैक किए गए उपयोगकर्ताओं की पोस्ट्स कम दिखाई देती थीं। इस कमी के कारण कई उपयोगकर्ता अपने फ़ॉलोअर्स के बीच अपने कंटेंट को प्रभावी रूप से साझा नहीं कर पा रहे थे, जिससे प्लेटफ़ॉर्म पर बहस‑बातों का माहौल बढ़ता दिखा।

एल्गोरिदम की मूल समस्या

बीयर ने बताया कि एल्गोरिदम को उपयोगकर्ता‑से‑उपयोगकर्ता इंटरैक्शन को प्राथमिकता देने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन डेटा पाइपलाइन में एक गड़बड़ी के कारण “म्यूचुअल” कनेक्शन की पहचान नहीं हो पा रही थी। इस त्रुटि ने न केवल व्यक्तिगत पोस्ट की दृश्यता घटाई, बल्कि प्लेटफ़ॉर्म के सामुदायिक स्वर को भी नुकसान पहुँचाया।

नया ट्यूनिंग और अपेक्षित प्रभाव

बीयर ने घोषणा की कि एक “ट्यूनिंग” लागू की जाएगी जो “आपके म्यूचुअल्स को आपके पोस्ट की दृश्यता बढ़ाएगी”। इस परिवर्तन से उन उपयोगकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी जिन्होंने एक-दूसरे को फॉलो‑बैक किया है, जिससे पारस्परिक संवाद को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम X को अपने “बैटलग्राउंड” की छवि से बाहर निकाल कर एक अधिक सहयोगी सामाजिक नेटवर्क में बदल सकता है।

पिछले अपडेट और भविष्य की दिशा

पिछले सप्ताह बीयर ने यह भी कहा था कि “ऑरिजिनल कंटेंट” पोस्ट करने वाले उपयोगकर्ता “तेज़ी से ऊपर उठेंगे”। यह टिप्पणी तब सामने आई जब प्लेटफ़ॉर्म पर प्रमुख खातों द्वारा “स्टोलन” या पुनः उपयोग किए गए कंटेंट को बढ़ावा देने की आलोचना हुई थी। नई एल्गोरिदमिक ट्यूनिंग इन मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास दिखती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह कैसे कार्यान्वित होगी और किस हद तक सफल रहेगी।

संभावित चुनौतियां और उद्योग पर प्रभाव

एल्गोरिदम में परिवर्तन अक्सर अनपेक्षित परिणाम दे सकते हैं, जैसे कि कंटेंट की विविधता में कमी या कुछ समूहों को अनुचित लाभ। इसलिए, X को निरंतर मॉनिटरिंग और उपयोगकर्ता फ़ीडबैक के आधार पर समायोजन करना होगा। यदि सफल रहा, तो यह परिवर्तन अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के लिए एक मॉडल बन सकता है, जहाँ सामुदायिक जुड़ाव को प्राथमिकता दी जाती है।